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‘हम शादी को कम से कम कुछ और महीनों के लिए टाल रहे हैं’, महंगाई और जंग के बीच ईरानी युवक की मजबूरी

Iran Marriage: ईरान में महंगाई, युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता ने युवाओं के शादी के सपनों पर असर डाला है। बढ़ते किराए और शादी के खर्च के बीच कई कपल शादी टाल रहे हैं, जबकि कुछ विदेश जाकर पढ़ाई और नई शुरुआत करने पर विचार कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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Sep 21, 2026
Iran wedding costs, Iran economy
युद्ध और महंगाई की वजह से ईरान में शादी करना हुआ भारी (फाइल फोटो)

Iran Marriage Crisis:ईरान में युद्ध और लगातार बढ़ती महंगाई ने युवाओं के लिए शादी जैसे बड़े फैसले को भी मुश्किल बना दिया है। बढ़ते घर, किराए और शादी के खर्च के बीच कई कपल अपनी शादी टालने को मजबूर हैं। किसी को फिर से युद्ध शुरू होने का डर सता रहा है तो किसी के लिए नई जिंदगी शुरू करने का खर्च जुटाना मुश्किल हो गया है।

महंगे सामान से थमी शादी की तैयारी

तेहरान के रहने वाले सुभान और उनकी मंगेतर नादिया ने अलजजीरा को बताया कि कई सालों से साथ हैं और उन्होंने इस साल मार्च में शादी करने का फैसला किया था। उन्होंने नए घर के लिए सामान खरीदना भी शुरू कर दिया था। लेकिन अचानक सामान के दाम आसमान छूने लगे। जिस टीवी का बजट उन्होंने लगभग 23,000 रुपये (70 मिलियन तोमान) रखा था, वह बढ़कर 33,000 रुपये (100 मिलियन तोमान) से ज्यादा का हो गया। सुभान बताते हैं कि भले ही वे औसतन लोगों से अच्छा कमाते हैं, फिर भी इतने महंगे माहौल में शादी करना नामुमकिन लग रहा है। इसलिए उन्होंने अपनी शादी कुछ महीनों के लिए टाल दी है।

दुल्हन के मेकअप से लेकर शादी के हॉल तक… हर चीज में कटौती

महंगाई का असर शादी-ब्याह से जुड़े कारोबार पर भी साफ दिख रहा है। तेहरान में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली सिमीन बताती हैं कि पहले शादी के सीजन में उनके पास रोज 2 से 3 दुल्हनें आती थी, लेकिन अब पूरे हफ्ते में मुश्किल से 2 या 3 आ रही हैं। जो लोग शादी कर भी रहे हैं, वे खर्चों में भारी कटौती कर रहे हैं। दुल्हनें स्किनकेयर या हेयर एक्सटेंशन जैसी महंगी चीजें छोड़कर सिर्फ शादी की रात का बेसिक मेक-अप ही ले रही हैं। पार्लर मालकिन का कहना है कि समस्या मेक-अप नहीं, बल्कि पूरी शादी का बजट है जो लोगों के बजट से बाहर हो चुका है।

किराया 70% बढ़ा, बेचना पड़ा दुल्हन का सोना

नवविवाहित जोड़ों के लिए तो जीवन और भी मुश्किल हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके पेजमान और सनाज की कहानी इस बात का सबूत है। उन्होंने मीडिया को बताया कि एक साल पहले उनके जिस घर का कुल किराया और डिपॉजिट लगभग 34 मिलियन तोमान था, वह अब 71 फीसदी बढ़कर 58 मिलियन तोमान पहुंच चुका है। अपनी कमाई का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा सिर्फ किराए में देने के बाद उनके पास खाने-पीने के भी लाले पड़ रहे हैं। शुरुआती खर्चों को संभालने के लिए उन्हें अपनी दुल्हन का सोना तक बेचना पड़ा, जिसकी कीमत अब आसमान छू रही है।

सरकारी मदद और लोन भी बेअसर

शादी के लिए सरकार की तरफ से मिलने वाली लोन योजनाएं भी अब युवाओं के किसी काम नहीं आ रही हैं। बैंक कर्मचारी अब्बास का कहना है कि कागजी तौर पर लोन की राशि तो बढ़ा दी गई है, लेकिन कागजी कार्रवाई की जटिलताओं, गारंटरों की शर्त और डॉलर के मुकाबले तोमान (ईरानी मुद्रा) के गिरते मूल्य के कारण लोन की असल ताकत 64 फीसदी तक घट चुकी है। यानी कागज पर पैसा ज्यादा दिख रहा है, लेकिन बाजार में उसकी कीमत बेहद कम रह गई है।

क्या युद्धविराम से बदलेंगे हालात?

जानकारों का कहना है कि सिर्फ जंग रुक जाने से हालात रातों-रात ठीक नहीं होंगे। सालों से लगे प्रतिबंधों और गिरती अर्थव्यवस्था ने पहले ही कमर तोड़ रखी थी, युद्ध ने बस स्थिति को और बिगाड़ दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रिज या घर के किराए जो एक बार बढ़ चुके हैं, वे अब खुद-ब-खुद नीचे नहीं आएंगे। अनिश्चितता के इस माहौल ने युवाओं को इतना निराश कर दिया है कि पेजमान और सनाज जैसे कई जोड़े अब अपनी आगे की पढ़ाई के बहाने देश छोड़ने का मन बना रहे हैं।

Updated on:
21 Sept 2026 10:48 am
Published on:
21 Sept 2026 10:36 am