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ईरान युद्ध पर अमेरिका में बढ़ा संवैधानिक टकराव, 60 दिन के कानून पर रक्षा मंत्री की नई दलील

US Congress vs White House: ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका में संवैधानिक टकराव बढ़ा। 60 दिन के कानून पर रक्षा मंत्री की नई दलील से कांग्रेस और व्हाइट हाउस आमने-सामने।

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May 01, 2026
US Defense Secretary speaking during Senate hearing on Iran war and 60-day law dispute.
अमेरिकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ (Photo- IANS)

US War Powers Resolution: अमेरिका में ईरान से जुड़े सैन्य अभियान को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद गहरा गया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनेट सशस्त्र सेवा समिति की सुनवाई में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को फिलहाल कांग्रेस की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मौजूदा युद्धविराम की स्थिति 60 दिन की कानूनी समयसीमा को प्रभावी रूप से रोक देती है।

दरअसल, 1973 के वॉर पॉवर्स रिजोल्यूशन के तहत राष्ट्रपति को किसी भी सैन्य कार्रवाई के 60 दिनों के भीतर कांग्रेस की मंजूरी लेनी होती है या अभियान समाप्त करना पड़ता है। ईरान संघर्ष के मामले में यह समयसीमा नजदीक है, लेकिन हेगसेथ का तर्क है कि युद्धविराम के चलते यह नियम अभी लागू नहीं होता। वर्जीनिया के डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि कानून इस व्याख्या का समर्थन नहीं करता। उन्होंने इसे प्रशासन के लिए गंभीर कानूनी सवाल बताया।

नागरिक सुरक्षा और जवाबदेही पर सवाल

सुनवाई के दौरान कथित हमले का मुद्दा भी उठा, जिसमें एक लड़कियों के स्कूल में 170 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इस घटना को लेकर सांसदों ने नागरिकों की सुरक्षा और सैन्य जवाबदेही पर सवाल उठाए। पीट हेगसेथ ने जवाब में कहा कि पेंटागन नागरिक हताहतों को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए एआई-सहायता प्राप्त सिस्टम के साथ मानवीय निगरानी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

जनसमर्थन पर भी टकराव

डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस्टन गिलिब्रैंड ने युद्ध के लिए सार्वजनिक समर्थन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिकी जनता इस संघर्ष का समर्थन नहीं करती। इस पर हेगसेथ ने दावा किया कि सरकार को जनता का समर्थन हासिल है और यह संघर्ष अभी केवल दो महीने पुराना है। हालांकि, गिलिब्रैंड ने पलटवार करते हुए कहा कि इस युद्ध से अमेरिका ज्यादा सुरक्षित हुआ है, इसका कोई ठोस सबूत नहीं है और न ही ईरान की ओर से तत्काल खतरे के प्रमाण थे।

डोनाल्ड ट्रंप का दावा-‘यह युद्ध नहीं’

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कई बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई से बड़े पैमाने पर हत्याएं रोकी गई हैं और ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मैं इसे युद्ध नहीं कहता, यह एक सैन्य अभियान है। ईरान समझौता करने के लिए बेताब है।'

उन्होंने यह भी दावा किया कि सख्त नाकाबंदी के चलते ईरान की अर्थव्यवस्था कमजोर हो चुकी है और तेल से उसकी कमाई लगभग बंद हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी कार्रवाई से ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी हैं, जबकि ड्रोन और मिसाइल उत्पादन क्षमता में भी भारी गिरावट आई है।

Published on:
01 May 2026 08:44 am