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ईरान की खाड़ी देशों को चेतावनी: अपनी जमीन से युद्ध न होने दें, वरना मिलेगा करारा जवाब

Iran warns Gulf countries: राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल युद्ध के लिए न होने दें। जानें दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर हमले के दावों का पूरा सच।
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Mar 28, 2026
Iran Warns Gulf Countries
Iran Warns Gulf Countries (Image: ANI)

Iran Warns Gulf Countries: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले के लिए किया गया, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।

खाड़ी देशों को सीधी चेतावनी

ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्रीय देशों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने इलाकों को युद्ध का मैदान न बनने दें। उन्होंने कहा कि अगर देश विकास और स्थिरता चाहते हैं, तो उन्हें बाहरी ताकतों को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने से रोकना होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल के साथ क्षेत्रीय तनाव बढ़ा हुआ है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी चेतावनी

मसू़द पेज़ेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी बात दोहराई। उन्होंने लिखा, ''हम कई बार कह चुके हैं कि ईरान पहले हमला नहीं करता, लेकिन अगर हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया, तो हम कड़ा जवाब देंगे। क्षेत्र के देशों से कहना है अगर आप विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो हमारे दुश्मनों को अपनी जमीन से युद्ध न करने दें।''

इस बयान से स्पष्ट है कि ईरान खुद को रक्षात्मक रुख में रखते हुए भी संभावित हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है।

दुबई हमले को लेकर दावा

ईरान की सरकारी मीडिया फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक दावा किया गया है कि दुबई में अमेरिकी सेना के कथित ठिकानों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट में भारी नुकसान का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ता सैन्य तनाव

पश्चिम एशिया में हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। पेंटागन द्वारा क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य तैनाती की तैयारी की खबरें सामने आई हैं, जिनमें 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कुछ हिस्सों को भेजे जाने की योजना शामिल बताई जा रही है।

स्थिति पर वैश्विक नजर

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में किसी भी छोटी घटना से व्यापक संघर्ष की आशंका बनी हुई है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ती तनातनी न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी चिंता का विषय बनती जा रही है। ऐसे में खाड़ी देशों की भूमिका आने वाले समय में बेहद अहम मानी जा रही है।

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