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अब्बास अराघची का बड़ा बयान, कहा- होर्मुज स्ट्रेट में शत्रु देशों के जहाजों को रोकना ईरान का अधिकार

Iranian FM Abbas Araghchi on Strait of Hormuz: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियों गुटेरस से कहा कि दुश्मनों और उनके सहयोगियों से संबंधित जहाजों की आवाजाही को रोकना ईरान के लिए एक तटीय राज्य के रूप में कानूनी अधिकार है।
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Mar 27, 2026
Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची। (Photo - IANS)

Iran on Strait of Hormuz: ईरान पर पिछले महीने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद कई देशों को ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, मध्य-पूर्व में जंग के तेल की कीमतों में उछाल आया है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र की अपील के बाद ईरान ने भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक को मित्र देश बताते हुए उनके जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की इजाजत दे दी है।

इसको लेकर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियों गुटेरस से कहा, ईरानी अधिकारियों को सुरक्षित नौवहन के लिए अपनी जिम्मेदारियों का पता है। उन्होंने जलमार्ग में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि दुश्मनों और उनके सहयोगियों से संबंधित जहाजों की आवाजाही को रोकना ईरान के लिए एक तटीय राज्य के रूप में कानूनी अधिकार है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका बलों पर खाड़ी सहयोग परिषद के नागरिकों को 'मानव ढाल' के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैनिक सैन्य ठिकानों को छोड़ने के बाद होटलों और कार्यालयों में छिप रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट और एक होटल बुकिंग रसीद भी साझा की। खाड़ी के होटलों से ऐसे अधिकारियों को कमरे देने से रोकने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि उनकी मौजूदगी नागरिकों के लिए खतरा पैदा कर सकती है।

होर्मुज टोल वसूलने के लिए कानून बनाने की तैयारी

ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने के लिए कानून बनाने की तैयारी कर रहा है। ईरान के सरकारी समाचार एजेंसी फार्स और तस्नीम की तरफ से यह जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी संसद एक मसौदा कानून पारित करने की तैयारी में है।

यह कानून ईरानी अधिकारियों को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने की अनुमति प्रदान करेगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जल्द ही विधायिका की कानूनी टीम की तरफ से इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इस प्रस्ताव का उद्देश्य ईरान की संप्रभुता को औपचारिक रूप से मान्यता देना और टोल के माध्यम से राजस्व जुटाना है।

Updated on:
27 Mar 2026 09:16 am
Published on:
27 Mar 2026 09:16 am