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Middle East War: ईरान को अमेरिकी हमले की आशंका, खार्ग द्वीप पर तेहरान ने बिछाई बारूदी सुरंगें

Iran reinforcing security on Kharg Island: ईरान ने अमेरिकी हमले की आशंका के बीच खार्ग द्वीप पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, द्वीप के आसपास बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं और अतिरिक्त सैनिक तैनात किए गए हैं, जिससे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ गया है।

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Iran strengthens security on Kharg Island, deploys landmines and additional troops amid fears of potential US military action in the Persian Gulf region.

अमेरिकी सेना की 82nd एयरबोर्न डिवीजन (Photo Credit - US Army)

US-Israel vs Iran War: ईरान ने अमेरिकी हमले की आशंका के मद्देनजर कड़ा फैसला लेते हुए खार्ग द्वीप पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। दरअसल, ईरान ने यह कदम उन खबरों और खुफिया रिपोर्टों के बाद उठाया है, जिनमें कहा गया है कि अमेरिका महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप समूह पर कब्जा करने के संभावित उद्देश्य से फारस की खाड़ी में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। ऐसे में अब यह जानकारी सामने आई है कि ईरान ने खार्ग द्वीप पर बारूदी सुरंगें बिछाना शुरू कर दिया है, साथ ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती भी कर दी है।

CNN की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ईरान ने खार्ग द्वीप के आसपास एंटी-पर्सनल और एंटी-आर्मर माइंस सहित कई तरह के जाल बिछाए हैं। अमेरिकी सेना जलमार्ग के जरिए उतरने की योजना बना सकती है। बता दें कि खार्ग द्वीप ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90% हिस्सा संभालता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी सैनिकों का इस्तेमाल कर द्वीप पर कब्जा करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए दबाव बनाने के विकल्प पर विचार कर रहा है।

ईरान की ओर से चेतावनी

इससे पहले ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर क़ालीबाफ ने बड़ा बयान दिया था। उन्होंने दुश्मन देशों को कड़ी चेतावनी दी। उनका कहना है कि उन्हें शत्रु देशों की ओर से ईरान के किसी द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी की रिपोर्ट मिली है। ईरान दुश्मन की सभी गतिविधियों पर नजर रख रहा है।

अपने ‘X’ पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, 'कुछ खुफिया रिपोर्टों के आधार पर, ईरान के दुश्मन क्षेत्रीय देशों में से किसी एक के समर्थन से ईरान के द्वीपों में से एक पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं। हमारी सेनाएं दुश्मन की सभी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं, और यदि वे कोई भी कदम उठाते हैं, तो उस क्षेत्रीय देश के सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लगातार और निरंतर हमलों से निशाना बनाया जाएगा।'

अमेरिकी सैनिकों की बढ़ती तैनाती

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने पहले ही अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के लगभग 2,000 अतिरिक्त सैनिकों को उत्तरी कैरोलिना स्थित उनके बेस से मध्य-पूर्व भेजने का आदेश दे दिया है। यह उन दो मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट्स के अतिरिक्त है, जो पहले से ही दोनों महासागरीय दिशाओं से रास्ते में हैं।

इन अतिरिक्त सैनिकों के आने से मध्य-पूर्व में पहले से तैनात लगभग 50,000 सैनिकों के साथ 6,000 से 7,000 मरीन और नौसैनिक और जुड़ जाएंगे। यह तैनाती 2003 के इराक युद्ध के बाद अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती मानी जा रही है, जब अमेरिका ने लगभग 1,60,000 सैनिक भेजे थे।