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US-Israel-Iran: ईरान का अल्टीमेटम, Middle East में अमेरिका-इजरायल यूनिवर्सिटी पर बम बरसाएगा IRGC

IRGC की बड़ी चेतावनी: क्षेत्र के अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालय अब ईरान के निशाने पर। हमले से बचने के लिए सोमवार 30 मार्च तक निंदा करने की रखी शर्त।

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Mar 29, 2026
Representational Image (File Photo/IANS)

US-Israel-Iran Conflict: ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग समाप्त होने का नाम नहीं ले रही। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रविवार को एक कड़ा बयान जारी करते हुए चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा सकता है। यह चेतावनी ईरानी शैक्षणिक संस्थानों और सांस्कृतिक विरासत पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों के जवाब में दी गई है।

ईरानी सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) की ओर से टेलीग्राम पर प्रसारित एक बयान में, IRGC ने ईरानी विश्वविद्यालयों पर हालिया हमलों की कड़ी निंदा की। इसमें विशेष रूप से तेहरान के यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर हुई बमबारी का जिक्र किया गया। अमेरिका-इजरायली बलों पर ईरानी शैक्षिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया गया।

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बयान में चेतावनी दी गई है कि जब तक उनकी शर्ते पूरी नहीं हो जाती, मध्य-पूर्व में अमेरिका और इजराइल से संबद्ध सभी विश्वविद्यालय उसके निशाने पर हैं। IRGC क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालय परिसरों के पास स्थित कर्मचारियों, शिक्षकों, छात्रों और निवासियों से अपनी सुरक्षा के लिए कम से कम एक किलोमीटर दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिकी सरकार चाहती है कि उन संस्थानों को जवाबी कार्रवाई से बचाया जाए तो वह सोमवार 30 मार्च (तेहरान समय) की दोपहर तक ईरानी विश्वविद्यालयों पर बमबारी की आधिकारिक रूप से निंदा करे।

बयान में आगे कहा गया है कि व्हाइट हाउस के निरंकुश शासकों को पता होना चाहिए कि क्षेत्र के सभी अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालय हमारे वैध लक्ष्य हैं। हम नष्ट किए गए ईरानी विश्वविद्यालयों के बदले में दो विश्वविद्यालयों को नष्ट करने की बात कर रहे हैं।

'अमेरिका-इजरायल का असली उद्देश्य उजागर'

इससे पहले ईरान के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सोशल मीडिया 'X' पर पोस्ट में अमेरिका और इजरायल पर क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बीच जानबूझकर उसके शैक्षणिक संस्थानों और वैज्ञानिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान ने विश्वविद्यालयों, अनुसंधान केंद्रों, ऐतिहासिक स्मारकों और प्रमुख वैज्ञानिकों पर व्यवस्थित रूप से हमला करके अपना असली उद्देश्य उजागर कर दिया है।

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