
मेजर जनरल मुहम्मद शमरेज खान को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का प्रमुख नियुक्त करते ही देश में बीते एक महीने में बड़ा बदलाव हुआ है।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बने लॉन्चपैड से घुसपैठ कराने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तानी तंत्र को उम्मीद है कि खान घुसपैठ की रणनीति में बड़ा बदलाव लाएंगे और जम्मू-कश्मीर में ज्यादा से ज्यादा आतंकवादियों को भेजेंगे, ताकि वे वहां लंबे समय तक सक्रिय रह सकें।
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एक अधिकारी का कहना है कि खान फिलहाल उन आतंकी समूहों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जो भारत में आतंकवादियों को भेजने की फिराक में हैं।
अधिकारी ने बताया, "खान ने एक अलग तरीका अपनाया है और अभी तक कोई जल्दबाजी या जोखिम भरा कदम नहीं उठाया है। वह 'बॉर्डर एक्शन टीम' (BAT) को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं, ताकि आतंकवादियों को घुसपैठ करने में मदद मिल सके।"
खान के नेतृत्व में ISI, पाकिस्तान सेना के साथ मिलकर ऐसी और भी टीमें तैयार कर रही है। ISI ऐसी मजबूत 'बॉर्डर एक्शन टीमें' (BAT) बनाना चाहती है, जिनमें पाकिस्तान सेना के कमांडो और आतंकवादी दोनों शामिल हों। अधिकारी ने कहा, योजना ऐसी कई टीमें बनाने की है, जो भारतीय सेना की सीमा चौकियों पर अचानक हमला (एम्बुश) कर सकें। इससे घुसपैठ के रास्ते खुल जाएंगे।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि खुफिया जानकारी जुटाने में कोई खास ट्रैक रिकॉर्ड न होने के बावजूद खान की नियुक्ति, पाकिस्तानी तंत्र की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाती है। अधिकारी ने बताया कि, एलओसी पर घुसपैठ बहुत अहम है, और अभी यह नहीं हो रही है। लॉन्चपैड पर 500 से ज्यादा आतंकवादी घुसपैठ करने का इंतजार कर रहे हैं, और ऐसा करने के लिए उन्हें मज़बूत 'बॉर्डर एक्शन टीम' (BAT) की मदद की जरूरत है।
अधिकारी ने आगे बताया कि पिछले एक महीने में खान ने पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद व हिज्बुल मुजाहिदीन के शीर्ष नेताओं के साथ बैठकें की हैं। वह कई ऐसी BAT बनाने की प्रक्रिया में हैं, जिनमें पाकिस्तान सेना के कमांडो और इन तीनों समूहों के आतंकवादी शामिल होंगे।