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Dawood Ibrahim Pakistan: संयुक्त राष्ट्र में भारत का करारा प्रहार: कहा- ‘पाकिस्तान में छुपा है दाऊद, काउंटर-टेरर रिपोर्ट में पक्षपात बंद करे UN’

Raghoo Puri UN speech: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने एक बार फिर साफ कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर तथ्यों को तोड़ना-मरोड़ना बर्दाश्त नहीं होगा। रिपोर्ट में दाऊद को भारत-आधारित बताना न सिर्फ गलत है बल्कि पूरे संगठन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Oct 22, 2026

Raghoo Puri

Raghoo Puri

Dawood Ibrahim Pakistan UN: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर भारत ने बुधवार को सख्त रुख अपनाते हुए काउंटर-टेरर रिपोर्ट में तथ्यात्मक गलतियों और पक्षपात का जबरदस्त विरोध किया। भारतीय राजनयिक रघू पुरी ने साफ शब्दों में कहा कि दाऊद इब्राहिम भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान में रहता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 1993 के आतंकी हमलों से लेकर अब तक यह अपराधी भारत का सबसे बड़ा वांछित है। मानव अधिकारों के नाम पर आतंक को जायज ठहराने की कोशिशों को भी भारत ने सिरे से खारिज कर दिया। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर पाकिस्तान के प्रचार को भी कड़ी फटकार लगाई गई।

India UN Counter Terrorism Report: आतंकवाद पर रिपोर्ट में गलत तथ्यों को लेकर भारत नाराज

भारत ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र में काउंटर-टेररिज्म से जुड़ी एक रिपोर्ट पर तीखा हमला बोलते हुए विशेष प्रतिवेदक के पक्षपातपूर्ण रुख की निंदा की। संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक बेन सॉल की रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम को “भारत-आधारित” डी-कंपनी का सरगना बताया गया था। इस गलती पर भारतीय राजनयिक रघू पुरी ने महासभा में कहा कि तथ्यात्मक अशुद्धियों वाली रिपोर्ट जारी करना और उसके लिए जवाबदेही न होना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे कदम संगठन की वैधता को ही नुकसान पहुंचाते हैं।

Dawood Ibrahim 1993 Mumbai Blasts: 1993 के मुंबई बम धमाकों का आरोपी है दाऊद इब्राहिम

पुरी ने याद दिलाया कि 2003 में सुरक्षा परिषद ने डी-कंपनी के सरगना को अल-कायदा से संबंध रखने के लिए सूचीबद्ध किया था। लेकिन रिपोर्ट में यह महत्वपूर्ण तथ्य छिपा दिया गया कि दाऊद 1993 से ही भारत में आतंकी हमलों का आरोपी है। 1993 के मुंबई बम विस्फोटों में सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान गई थी और उसी के बाद यह अपराधी भारत छोड़कर भाग गया था। सूचीबद्ध होने से बहुत पहले वह देश से फरार हो चुका था और बाहर से ही अल-कायदा तथा ओसामा बिन लादेन से जुड़ा। आज भी वह भारत का वांछित अपराधी है और संयुक्त राष्ट्र की सूची के अनुसार उसी देश में रहता है जहां ओसामा बिन लादेन को ढूंढकर मार गिराया गया था।

Dawood Ibrahim Pakistan UN : मानवाधिकारों की आड़ में आतंकवाद को जायज नहीं ठहराया जा सकता

भारत ने साफ कहा कि आतंक के प्रायोजक अब मानव अधिकारों और काउंटर-टेररिज्म के ढांचे का सहारा लेकर अपनी करतूतों को जायज ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। मानव अधिकार का ढांचा आतंक फैलाने वालों और कट्टरपंथ फैलाने वालों की शरणगाह नहीं बन सकता। आतंकवाद किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर पाकिस्तान को भारत का करारा जवाब

पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी भारत ने करारा जवाब दिया। पुरी ने कहा कि ये आरोप शुद्ध प्रचार हैं जो संकीर्ण राजनीतिक फायदे के लिए लगाए जा रहे हैं। असल सत्ता पाकिस्तान की सेना के हाथ में है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अविभाज्य अंग हैं, हमेशा रहे हैं और हमेशा रहेंगे।

मानवाधिकारों का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए: भारत

इससे एक दिन पहले भी भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में जोर दिया था कि मानव अधिकारों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव या चुनिंदा देशों को निशाना बनाने के लिए नहीं होना चाहिए। प्रवर्तन या अनैच्छिक गायब होने के मुद्दे पर भारत ने अपने संवैधानिक और संस्थागत सुरक्षा उपायों का जिक्र किया था।

दाऊद इब्राहिम लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़ा माना जाता है। 1993 के मुंबई ब्लास्ट्स के बाद भारत ने बार-बार उसके प्रत्यर्पण की मांग की है लेकिन पाकिस्तान इनकार करता रहा है। संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध सूची में भी उसका नाम दर्ज है। भारत का यह रुख साफ संदेश देता है कि आतंक के मुद्दे पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोई गुंजाइश नहीं है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में निष्पक्षता और जवाबदेही ही असली कसौटी है। (एएनआई)