
डीजल संकट से जूझ रहे अमेरिका, निवेश के लिए भारत पर जताया भरोसा, Photo Source@ChatGpt
Trump India Investment: एक समय होता था जब भारत निवेश के लिए विदेशी कंपनियों की ओर देखता था। आज भी कई बड़ी विदेशी कंपनियां भारत में बड़ा निवेश कर रही हैं। इस बीच दिग्गज भारतीय कंपनियों से अमरीका में निवेश कराने के लिए ट्रंप भी आगे आए हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच डीजल संकट से जूझते अमेरिका के लिए इसकी पर्याप्त उपलब्धता के लिए भी ट्रंप प्रशासन ने भारत का रुख किया है।
अमेरिकी विदेशमंत्री मार्को रुबियो रिलायंस समूह से बात करने के लिए भारत यात्रा पर हैं। इस बीच ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में कई बड़े निवेश योजनाओं की घोषणा की है। वहीं अमेरिका में भारतवंशीय समुदाय की आर्थिक ताकत पहले ही बेहद प्रभावी है। टेक सेक्टर की बड़ी कंपनियों के नेतृत्व के इतर भारतवंशीय कारोबारियों का अमरीका में करीब 1.18 लाख करोड़ रुपए का निवेश है। होटल, रियल स्टेट, रिटेल और हेल्थकेयर सेक्टर के बड़े कारोबारियों में भारतवंशियों का नाम भी शामिल है।
वाइट हाउस के अनुसार ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में 11.3 ट्रिलियन डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा है। अमेरिका में सबसे ज्यादा निवेश करने वाले देशों में भारत छठे स्थान पर है। वाइट हाउस के निवेश ट्रैकर के अनुसार भारत से अमेरिका को करीब 500 अरब डॉलर के निवेश का प्रस्ताव है। इसमें 300 अरब डॉलर का निवेश रिलांयस का होना है। जिसकी राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही घोषणा कर चुके हैं। मई में हुए सिलेक्ट यूएसए समिट में भारतीय कंपनियों ने 20.5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है।
एक तरह अमेरिकी कंपनियां जहां भारत में टेक सेक्टर खासकर आइटी, एआइ, ईवी, आटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग,ई-कॉमर्स पर निवेश कर रही हैं। वहीं भारतीय कंपनियों का अमेरिका में निवेश आइटी सर्विसेस, ऑयल रिफाइनिंग, स्टील, एल्युमिनियम, फार्मास्यूटिकल, केमिकल्स, हॉस्पिटैलिटी, कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में कर रही हैं।
Published on:
22 Oct 2026 03:00 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
