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Iran US conflict: ईरान-अमेरिका टकराव की आहट! खामेनेई-गालिबाफ की अहम मुलाकात, तेहरान ने तैयार किया जवाबी प्लान

Middle East tensions: अमेरिका-इजरायल की संभावित सैन्य कार्रवाई की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने भी साफ संकेत दिए हैं कि इस बार जवाब पहले से अधिक व्यापक हो सकता है। इस बढ़ते तनाव का असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Oct 22, 2026

Khamenei Galibaf meeting

Khamenei Galibaf meeting: खामेनेई-गालिबाफ की मुलाकात, तेहरान ने तैयार किया जवाबी प्लान (Photo: x/@Rahbarenghelab_)

Khamenei Galibaf Meeting: पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध के बादल गहराने लगे हैं। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर नए सैन्य हमलों की संभावनाओं के बीच तेहरान ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ की मुलाकात को इसी बदलते घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सवाल है कि क्या कूटनीति तनाव कम करेगी या क्षेत्र एक नए संघर्ष में फंस जाएगा?

Khamenei Galibaf Meeting: नई सैन्य कार्रवाई की चर्चा, तेहरान में रणनीतिक मंथन

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने संभावित अमेरिकी और इजरायली हमलों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा की है। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को सर्वोच्च नेता मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ से मुलाकात की। ईरानी मीडिया के अनुसार, बैठक में अमेरिका और इजरायल की संभावित सैन्य गतिविधियों तथा देश की ताकत मजबूत करने के उपायों पर विचार हुआ।

गालिबाफ इस समय मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस संपर्क में कतर और पाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व की यह बैठक सैन्य तैयारियों के साथ कूटनीतिक मोर्चे पर भी ईरान की रणनीति का संकेत देती है। हालांकि, बैठक की कोई आधिकारिक तस्वीर मीडिया के लिए जारी नहीं की गई।

US Israel Military Threat: ऊर्जा ठिकानों से परमाणु केंद्रों तक निशाने की आशंका

अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने ईरान पर नए हमलों की योजनाएं तैयार की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित निशानों में ईरान का ऊर्जा ढांचा, परमाणु प्रतिष्ठान तथा मिसाइल और ड्रोन भंडार शामिल हो सकते हैं। यह घटनाक्रम अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मुलाकात के बाद सामने आया है।

हालांकि, संभावित हमलों को लेकर अंतिम निर्णय या उनके समय की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए मौजूदा स्थिति को सैन्य कार्रवाई की आशंका के रूप में देखना जरूरी है, न कि हमले की निश्चित घोषणा के तौर पर।

Tehran Strategic Plan: ईरान की चेतावनी-इस बार जवाब होगा ज्यादा घातक

ईरान ने संभावित हमले की स्थिति में कड़े जवाब की चेतावनी दी है। ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रजाई ने कहा है कि सशस्त्र बलों ने पहले से अधिक विनाशकारी योजना तैयार की है। वहीं, ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि देश व्यापक और कई स्तरों वाली जंग के लिए तैयार है।

ईरानी पक्ष का कहना है कि किसी भी नए सैन्य हमले का जवाब हमलावरों के हितों और क्षेत्र में उनके उद्देश्यों को निशाना बनाकर दिया जा सकता है। इससे संघर्ष का दायरा बढ़ने की आशंका पैदा होती है।

एकता दिखाने की कोशिश, दुनिया की नजर तेल बाजार पर

बैठक के दौरान खामेनेई ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सामंजस्य बनाए रखने में सांसदों की भूमिका पर जोर दिया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने इस्लामिक गणराज्य और सशस्त्र बलों के समर्थन में सार्वजनिक सभाओं में लोगों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।

इस पूरे घटनाक्रम का आर्थिक असर भी गंभीर हो सकता है। पश्चिम एशिया वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। यदि सैन्य टकराव बढ़ता है या समुद्री आपूर्ति मार्ग प्रभावित होते हैं, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए इसका असर पेट्रोल-डीजल की लागत, परिवहन खर्च और महंगाई पर पड़ सकता है।