
ईरान के सुरक्षा प्रमुख रेजाई का अमेरिका को कड़ा संदेश, Photo Source@ANI
Iran US Tensions: ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने चेतावनी दी है कि तेहरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर युद्ध जारी रहता है, तो ईरान के पास जवाब देने के लिए जरूरी क्षमताएं मौजूद हैं।
IRIB के मुताबिक, रेजाई ने गुरुवार को कहा कि अगर सैन्य कार्रवाई के नतीजों को लेकर समझ बन सके, तो ईरान कूटनीति (diplomacy) को प्राथमिकता देगा। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि तेहरान आगे के टकराव के लिए भी तैयार है।
IRIB की टेलीग्राम पोस्ट के अनुसार, रेजाई ने कहा, "सभी को पता होना चाहिए कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई की कीमत चुकानी पड़ती है। अगर कूटनीति के जरिए यह बात समझ में आ जाए, तो हम कूटनीति को चुनेंगे; लेकिन अगर युद्ध जारी रहता है, तो ईरान के पास जवाब देने के लिए जरूरी साधन मौजूद हैं।
उन्होंने दावा किया कि संघर्ष के पिछले चरणों में ईरान ने अपनी पूरी क्षमताओं का इस्तेमाल नहीं किया था, और वह युद्ध की तीव्रता के आधार पर अपनी जवाबी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, "हमने पिछले चरणों में अपनी सभी क्षमताओं का उपयोग नहीं किया था। युद्ध की तीव्रता के हिसाब से हम अपनी और क्षमताओं को मैदान में उतारेंगे, और हम अगले चरण के लिए तैयार हैं। रेजाई ने यह भी चेतावनी दी कि संघर्ष के जारी रहने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दीर्घकालिक परिणाम हो सकते हैं।
रेजाई ने कहा कि, खाड़ी देशों ने इस क्षेत्र में मौजूद अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा करने की अमेरिका की क्षमता पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, उन्हें अब यह लगने लगा है कि अमेरिकी सेना अपने खुद के ठिकानों की रक्षा करने में भी सक्षम नहीं है, जबकि यही देश उम्मीद करते थे कि अमेरिका उनके देशों की रक्षा करेगा। इसके अलावा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने अमेरिका को चेतावनी दी है। IRGC का आरोप है कि अमेरिका जहाजों को ऐसे समुद्री रास्ते से गुजरने के लिए उकसा रहा है, जहाँ बारूदी सुरंगें (माइन्स) बिछी हुई हैं।
रेजाई ने कहा कि, मौजूदा हालात के जारी रहने से रणनीतिक परिणाम सामने आएंगे, जिसमें यह भी शामिल है कि अगले 3 सालों तक ऊर्जा बाजार शांत नहीं होंगे। उन्होंने आगे दावा किया कि इस संघर्ष ने क्षेत्रीय समीकरणों को ईरान के पक्ष में बदल दिया है, और खाड़ी देश तेहरान के साथ अपने संबंधों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। रेजाई ने कहा कि, इस युद्ध के जारी रहने से संबंधों के समीकरण ईरान के पक्ष में बदल गए हैं, क्योंकि खाड़ी देश ईरान के साथ अपने रिश्तों को तेजी से नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।
Updated on:
22 Oct 2026 03:29 pm
Published on:
22 Oct 2026 03:10 pm
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