
Israel Lebanon Attack: शांति समझौतों और सीजफायर के बावजूद मिडिल ईस्ट में हमले रूक नहीं रहे हैं। दक्षिणी लेबनान में एक बार फिर रात में धमाके और गोलीबारी हुई। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (NNA) के अनुसार, इजरायली सेना ने रातभर दक्षिणी लेबनान के कई प्रमुख इलाकों को निशाना बनाकर तोपों से गोले दागे और हवाई हमले किए। शांति समझौते के बाद भी लगातार हो रही इस गोलाबारी से आम लोगों में डर का माहौल है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान के अल-मंसूरी और हद्दाथा इलाकों में तोड़फोड़ और भीषण विस्फोट दर्ज किए गए, जबकि मजदल जून की घाटियों में इजरायली तोपखाने लगातार गोले बरसाते रहे। आसमान में नजर रखने के लिए इजरायली सेना ने टायर और बिंत जबैल के ऊपर तेज रोशनी वाले गोले (फ्लेयर्स) छोड़े, जिससे रात में भी वहां उजाला हो गया। इसी दौरान लितानी नदी के ऊपर कस्मियेह से ककाइयात अल-जसर तक इजरायली सैन्य ड्रोन लगातार गश्त करते नजर आए।
सोमवार को हुए इन हमलों में इजरायली वायुसेना और ड्रोन का जमकर इस्तेमाल हुआ। आधी रात के बाद नबातियेह इलाके की वादी अल-हुजैर घाटी में इजराइली लड़ाकू विमानों ने बमबारी की। इसके साथ ही कफर रुम्मान इलाके के खेतों में एक इजराइली ड्रोन ने आग लगाने वाले बम गिरा दिए। इससे खेतों में भीषण आग लग गई, जो धीरे-धीरे पास के नेचर रिजर्व तक फैल गई। अल-दब्शा इलाके में भी ड्रोन से बारूद गिराया गया। इसी दौरान जिबकीन गांव के पास एक इजराइली ड्रोन क्रैश होकर गिर गया, हालांकि इससे हुए नुकसान या क्रैश की असली वजह का पता नहीं चल पाया है।
हवाई हमलों के साथ-साथ जमीन पर भी इजरायली सेना की हलचल बढ़ गई है। संघर्षग्रस्त शहर खियाम के पूर्वी हिस्सों में सैन्य वाहनों को आगे बढ़ते देखा गया, जिसके बाद इजरायली सैनिकों ने पास के रिहायशी इलाकों और हद्दाथा शहर की ओर मशीन गन से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मशीन गन की धमाकों की जोरदार आवाजें कई किलोमीटर दूर तक गूंजती रहीं, जिससे सीमावर्ती गांवों के लोग रातभर खौफ के साये में रहे।
यह पूरी सैन्य कार्रवाई बेरूत और तेल अवीव के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से हुए 26 जून के रूपरेखा समझौते के बाद भी लगातार जारी है। इस समझौते के तहत इजरायल को लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्रों से चरणबद्ध तरीके से पीछे हटना था और खाली हुए इलाकों में लेबनानी सेना की तैनाती की जानी थी, साथ ही हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र समूहों को निरस्त्र करने का प्रावधान भी शामिल था। इसके बावजूद इजरायली सेना अभी भी दक्षिणी लेबनान के कई हिस्सों में डटी हुई है। इजरायली मीडिया का कहना है कि सेना आने वाले दिनों में भी इस क्षेत्र में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने की योजना बना रही है। मार्च से जारी इस भीषण संघर्ष में अब तक 4,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12,000 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं।