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शुरू हुआ नया बवाल! तुर्की ने नेतन्याहू समेत 36 नेताओं पर ठोका मुकदमा, इजराइल ने भी दे डाली खुली धमकी

तुर्की ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाते हुए इस्तांबुल के मुख्य सरकारी वकील के माध्यम से इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत 36 इजराइली नेताओं पर मुकदमा दर्ज कराया। आरोप है कि अक्टूबर 2025 में गाजा जा रहे 'सुमूद फ्लोटिला' पर अंतरराष्ट्रीय जलसीमा में सैन्य हमला किया गया।
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Apr 12, 2026
Benjamin Netanyahu
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (Photo- IANS)

तुर्की ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया है। इस्तांबुल के मुख्य सरकारी वकील ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत 36 इजराइली नेताओं और अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया है।

आरोप है कि अक्टूबर 2025 में गाजा के लिए निकले 'सुमूद फ्लोटिला' यानी जहाजी काफिले को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में रोककर नागरिकों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की गई।

इस केस के साथ तुर्की ने कोर्ट से सभी आरोपियों को कम से कम 1102 साल और अधिकतम 4596 साल कैद की सजा सुनाने की मांग की है।

इजराइली रक्षा मंत्री का तीखा पलटवार

इस पर इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोआन को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति को 'कागजी शेर' कहा।

काट्ज ने एक्स पर लिखा कि एर्दोआन पहले ईरान की मिसाइलों का जवाब देने में नाकाम रहे और अब यहूदी विरोध का सहारा लेकर इजराइली नेताओं पर फर्जी मुकदमे कर रहे हैं।

उन्होंने एर्दोआन पर यह भी आरोप लगाया कि वो खुद कुर्द नागरिकों का नरसंहार करने वाले हैं और हमास के साथी हैं। और एर्दोआन को सलाह दी कि चुप रहना ही उनके लिए बेहतर होगा।

नेतन्याहू ने भी दिया करारा जवाब

वहीं, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा कि इजराइल ईरान के आतंकी नेटवर्क और उसके सहयोगियों से लड़ता रहेगा। उन्होंने एर्दोआन पर निशाना साधते हुए कहा कि वो तो उन्हें पनाह देते हैं और अपने ही कुर्द नागरिकों का कत्लेआम करते हैं।

नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में मध्य पूर्व का नक्शा दिखाते हुए कहा कि ईरानी धुरी उन्हें दबाना चाहती थी लेकिन अब इजराइल उन्हें दबा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और अभी और करना बाकी है।

तुर्की ने भी नहीं छोड़ा मैदान

इजराइली नेताओं के बयानों के जवाब में तुर्की के विदेश मंत्रालय ने भी एक्स पर पलटवार किया। तुर्की ने कहा कि इजराइली अधिकारियों का उनके राष्ट्रपति पर बेबुनियाद और बेशर्म आरोप लगाना उस बेचैनी का नतीजा है जो तुर्की के सच बोलने से उन्हें होती है।

तुर्की ने यह भी कहा कि वो निर्दोष नागरिकों के साथ खड़ा रहेगा और नेतन्याहू को उनके अपराधों के लिए जवाबदेह ठहराने की कोशिश जारी रखेगा।

यह मुकदमा कितना असरदार होगा?

तुर्की की अदालत का यह फैसला इजराइल के लिए तब तक बेअसर रहेगा जब तक नेतन्याहू या कोई अन्य इजराइली नेता तुर्की की धरती पर कदम नहीं रखता।

लेकिन राजनीतिक संदेश बड़ा है। एर्दोआन इस्लामी दुनिया में खुद को इजराइल के खिलाफ सबसे मुखर आवाज के रूप में पेश करना चाहते हैं।

यह मुकदमा उसी रणनीति का हिस्सा है। इजराइल और तुर्की के बीच यह टकराव अब सिर्फ बयानबाजी नहीं रहा। यह कानूनी अखाड़े में भी आ गया है।

Updated on:
12 Apr 2026 12:27 pm
Published on:
12 Apr 2026 12:27 pm