
Israel-Lebanon War Update: पिछले दिनों हिजबुल्लाह और इजरायल ने एक दूसरे पर लगातार अटैक किया। जिसमें काफी नुकसान भी हुआ। इजरायल में न सही लेकिन लेबनान में जानमाल की क्षति हुई। यही कारण है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के आलावा अब सबकी नजरें हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष पर भी टिकी हैं।
फ्री पैट्रियटिक मूवमेंट (FPM) के प्रमुख गेब्रान बासिल ने साफ कहा है कि हिजबुल्लाह ने पिछले वर्षों में कई गलतियां की हैं, लेकिन इन गलतियों के आधार पर इजरायल का समर्थन करना या लेबनान की जमीन पर उसके कब्जे को सही ठहराना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
गेब्रान बासिल ने कहा कि इजरायल से 2006 के युद्ध के बाद से हिजबुल्लाह ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिन्हें गलत माना जा सकता है। लेकिन इजरायल की कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता। वह बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहा है।
बासिल ने कहा कि उनकी पार्टी का रुख केवल लेबनान के राष्ट्रीय हितों से प्रेरित है। उन्होंने दावा किया कि उनका आंदोलन न तो इजरायल के पक्ष में है और न ही ईरान के। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति तैयार करने की मांग की, ताकि देश के भविष्य से जुड़े फैसले बाहरी प्रभावों से मुक्त होकर लिए जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान के सामने सबसे बड़ी चुनौती सभी हथियारों पर सरकार का नियंत्रण स्थापित करना है। हालांकि यह काम ऐसा होना चाहिए जिससे देश में नया गृहयुद्ध या आंतरिक अस्थिरता पैदा न हो। राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता को सुरक्षित रखना ही लेबनान की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
हालिया घटनाक्रम ने दक्षिण लेबनान में तनाव को और बढ़ा दिया है, जहां सीमा पार हमलों और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला लंबे समय से जारी है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रभावित इलाकों में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
उधर, अमेरिका और ईरान के समझौते को लेकर बातचीत जारी है। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि बातचीत में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत, लेबनान संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने साफ कहा कि ईरान लेबनान में हिजबुल्लाह का समर्थन जारी रखेगा। वह किसी भी हाल में उसे अकेला नहीं छोड़ेगा।