
Israel-Iran War: मिडिल-ईस्ट में तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़ा हवाई हमला किया है। रिपोर्टों के मुताबिक इस एयर स्ट्राइक में ईरान के स्पेस रिसर्च सेंटर और एयर डिफेंस सिस्टम बनाने वाली फैक्ट्री को निशाना बनाया गया। दावा किया जा रहा है कि इस हमले से ईरान के रक्षा और अंतरिक्ष कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव चरम पर है और ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव लगातार बढ़ रहा है। इजरायल यानी आईडीएफ ने खुद इस बात की जानकारी साझा की।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा कर लिखा, "ईरानी स्पेस एजेंसी का मुख्य रिसर्च सेंटर और एक एरियल डिफेंस सिस्टम प्रोडक्शन फैक्ट्री। इस सेंटर में रिसर्च के लिए इस्तेमाल होने वाली स्ट्रेटेजिक लैब थीं, जिसमें मिलिट्री सैटेलाइट बनाना, इंटेलिजेंस इकट्ठा करना और मिडिल ईस्ट में टारगेट पर फायर करना शामिल था। आईडीएफ ने एक खास फैक्ट्री समेत कई ईरानी आतंकी शासन के एरियल डिफेंस सिस्टम प्रोडक्शन साइट्स पर भी हमला किया।"
सेना का कहना है कि हमलों की इस कार्रवाई के तहत, इजरायली एयर फोर्स ने ईरान की राजधानी में “ईरानी आतंकी शासन के दर्जनों इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स” पर हमला किया।
ईरान के इजरायल पर किए गए नए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। यह 10 घंटे से ज्यादा समय में ईरान की तरफ से किया गया पहला हमला है। शुरुआती मिलिट्री असेसमेंट के मुताबिक, मिसाइल को शायद इंटरसेप्ट कर लिया गया था। इजरायल के सबसे दक्षिणी शहर इलियट में सायरन बज चुके थे।
रक्षा मंत्री इजरायल कॉटज का कहना है कि ईरान के खिलाफ जंग तेज हो रही है और अब एक ऐसे अहम मोड़ पर पहुंच रही है, जो तब तक जारी रहेगा, जब तक जरूरी होगा। उन्होंने आगे कहा, “सिर्फ ईरानी लोग ही पक्के इरादे से इसे खत्म कर सकते हैं, जब तक कि आतंकी राज खत्म न हो जाए और ईरान बच न जाए।”
इजरायली रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार कॉट्ज ने शनिवार सुबह आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर और सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक असेसमेंट के दौरान यह बात कही।
इजरायल सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि लेबनान में भी हिज्बुल्लाह के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है। आईडीएफ ने बेरूत और दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं।
आईडीएफ के अनुसार, इन हमलों में हिज्बुल्लाह के कई कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया और उन्हें नष्ट कर दिया गया। बताया गया है कि इन्हीं कमांड सेंटर से इजरायल और उसके नागरिकों के खिलाफ हमलों की योजना बनाई जाती थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईडीएफ अब तक हिज्बुल्लाह के करीब 110 कमांड सेंटर पर हमला कर चुका है। इन हमलों से संगठन की कमांड-कंट्रोल सिस्टम, आर्थिक संसाधनों और हथियारों के नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा है। इससे हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमता पर भी असर पड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले न सिर्फ दोनों देशों के बीच टकराव को और तेज कर सकते हैं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति को भी प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में अब सवाल यह है कि इस हमले के बाद ईरान क्या जवाब देता है।