
US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर सहमति बन गई है। दोनों देशों के बीच शुक्रवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसी बीच इजरायल की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है। इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने स्पष्ट कहा है कि उनका देश किसी बाहरी कूटनीतिक समझौते से बंधा नहीं है और इजराइल अपनी संप्रभुता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर स्वतंत्र निर्णय लेने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित ईरान समझौता इजरायल पर लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि इजरायल अमेरिका के अधीन नहीं है। हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं। हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी इजराइली नागरिकों, आईडीएफ के सैनिकों और यहूदी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बेन-गवीर ने आरोप लगाया कि अतीत में अंतर्राष्ट्रीय दबाव के आगे झुकने की कीमत इजरायल को भारी नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी है। उन्होंने ओस्लो समझौते, 2006 के लेबनान समझौते और गाजा में अपनाई गई संयम की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी नीतियां अंततः सुरक्षा संकट में बदल गईं।
उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान से इजरायल की ओर दागे जाने वाले किसी भी ड्रोन, मिसाइल या अन्य हमले का जवाब इजरायल की ओर से तत्काल सैन्य कार्रवाई के रूप में दिया जाना चाहिए। बेन-गवीर ने कहा कि हिजबुल्लाह के पूर्ण निरस्त्रीकरण से कम किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं इजरायल के पूर्व रक्षा मंत्री और विपक्षी नेता बेनी गैंट्ज़ ने भी प्रस्तावित कूटनीतिक व्यवस्था की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में इजरायल की सैन्य कार्रवाई की स्वतंत्रता को सीमित करने वाला समझौता स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
बता दें कि यह विवाद उस समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अंतिम रूप ले चुका है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि अमेरिका ने ईरान से जुड़े समुद्री प्रतिबंध हटाने और होर्मुज को खोलने की मंजूरी दे दी है।
इस घोषणा से कुछ समय पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सोशल मीडिया पर दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है।