Conflict: बेंजामिन नेतन्याहू ने पुष्टि की है कि इजराइली सेना ने ओमान की खाड़ी में उस ईरानी कमांडर को खत्म कर दिया है जो होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की साजिश रच रहा था। यह हमला ईरान के सैन्य तंत्र के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
Elimination: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री (Benjamin Netanyahu) ने एक बड़ी सैन्य सफलता की घोषणा की है। इजराइली बलों ने ईरान की रिवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC Navy Commander) के उस शीर्ष नौसेना कमांडर को मार गिराया है, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने और वहां हमले करने की योजना का नेतृत्व कर रहा था। पीएम नेतन्याहू ने स्पष्ट संदेश दिया कि इजराइल अपने दुश्मनों को (Forceful Strike) देना जारी रखेगा और जो भी उसकी सुरक्षा के लिए खतरा बनेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। यह ऑपरेशन इजराइली इंटेलिजेंस (Mossad) और वायुसेना के सटीक तालमेल का परिणाम बताया जा रहा है।
इजराइली रक्षा बलों के अनुसार, मारा गया कमांडर ईरान की समुद्री ताकत का मुख्य स्तंभ था। वह लंबे समय से ओमान की खाड़ी और लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले हमलों की रूपरेखा तैयार कर रहा था। बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि ईरान की उस विस्तारवादी सोच के खिलाफ है जो वैश्विक व्यापारिक मार्गों को बंधक बनाना चाहती है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे संवेदनशील तेल गलियारा है, और इसकी घेराबंदी की कोशिश पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर सकती थी।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश के जरिये राष्ट्र और विश्व को सूचित किया कि इजराइली सेना "फोर्सफुल स्ट्राइक" मोड में है। उन्होंने कहा कि हम न केवल रक्षा कर रहे हैं, बल्कि दुश्मन के घर में घुसकर हमला कर रहे हैं। इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए इजराइली कमांडो और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया गया। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस कमांडर के खात्मे से ईरान की नेवी और समुद्री मिलिशिया का मनोबल पूरी तरह टूट जाएगा।
ईरान और इजराइल के बीच यह सीधी टक्कर अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। तेहरान ने इस हमले के बाद कड़ी प्रतिक्रिया देने की धमकी दी है, वहीं इजराइल ने अपनी सीमाओं और समुद्री हितों की रक्षा के लिए हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की नजरें भी इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल की आपूर्ति सीधे तौर पर वैश्विक ईंधन कीमतों को प्रभावित करती है।
इस सैन्य कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरान कोई जवाबी हमला करेगा? इजराइली रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि उनकी "आयरन डोम" और "एरो" मिसाइल डिफेंस सिस्टम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। बेंजामिन नेतन्याहू ने दोहराया कि जब तक हमास, हिजबुल्लाह और उनके पीछे खड़ा ईरान पूरी तरह कमजोर नहीं हो जाता, इजराइल का अभियान नहीं रुकेगा। (इनपुट: ANI)