
US Iran Peace Deal: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान शांति समझौते के साथ या उसके बिना कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कई दशकों से, मैं ईरान की परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिशों का विरोध कर रहा हूं। मैं इसे अपने जीवन का मिशन कह सकता हूं। मैंने अब तक इसे निभाया है और भविष्य में भी निभाऊंगा।
नेतन्याहू ने आगे कहा कि समझौता हो या न हो, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। न आज, और न ही कल। जब तक मैं इजरायल का प्रधानमंत्री हूं, मैं उन्हें कभी भी परमाणु हथियार बनाने नहीं दूंगा। उन्होंने बताया कि मेरे जीवन का सिर्फ एक ही मकसद है, वह ये है कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा कभी पूरी न हो पाए।
इसके साथ ही, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका पड़ोसी देश लेबनान से अपनी सेना पीछे लेना का कोई ईरादा नहीं है। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सैनिक हिजबुल्लाह के खिलाफ मजबूती से लड़ रहे हैं। पीएम नेतन्याहू ने इजरायली सेना द्वारा लेबनान की जमीन पर कब्जा किए जाने के बाद सुरक्षा क्षेत्र घोषित कर दिया।
इजरायली प्रधानमंत्री का यह बयान तब आया है, जब अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
शांति समझौता ज्ञापन को लेकर अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु दायित्वों का पालन करे और साथ ही आर्थिक जुड़ाव का रास्ता भी खुले। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह ज्ञापन अमेरिका और ईरान के बीच भविष्य की बातचीत और द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक ढांचा तैयार करता है।
उन्होंने कहा कि पहली बात तो यह है कि इस फ्रेमवर्क के जरिए अमेरिका और ईरान भविष्य के संबंध को लेकर सकारात्मक रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसका मूल तरीका यह है कि ईरानी अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर सत्यापित करे वे कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे। वह क्षेत्र में कट्टरपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देंगे। इसके बदले में उन्हें प्रतिबंधों में ढील और अन्य आर्थिक उपायों के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था में जगह दी जाएगी।
वहीं, ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह बहुत शक्तिशाली है। उन्होंने कहा कि इस हफ्ते के आखिर में होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर समारोह के बाद इसका पूरा टेक्स्ट सार्वजनिक किया जाएगा। उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी पुष्टि की कि समझौते पर पहले ही डिजिटल रूप से हस्ताक्षर किए जा चुके हैं और इस बात पर जोर दिया कि प्रतिबंधों में ढील ईरान के कदमों पर निर्भर करेगी। वेंस ने कहा कि अगर हम देखते हैं कि ईरानी अपने संवर्धित सामग्री के भंडार को खत्म करने के लिए कदम उठा रहे हैं और उस सत्यापन प्रक्रिया की अनुमति दे रहे हैं जिसकी हमें जरूरत है, तो प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी।
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हाई-स्टेक मीटिंग में फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि मुझे लगता है कि कल जो साइन हुआ वह एक बहुत जरूरी एग्रीमेंट था। यह सबसे पहले न्यूक्लियर मुद्दे को ठीक करेगा। यह पूरी दुनिया की शांति के लिए एक बहुत जरूरी मामला है। यह शांति की दिशा में और ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक बहुत ज़रूरी कदम है।