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नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने रखी शर्त, कहा- ईरान के परमाणु ढांचा खत्म होना चाहिए

नेतन्याहू ने कहा कि वह किसी संभावित समझौते को लेकर संदेह में हैं, लेकिन यदि कोई डील होती है तो...
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Feb 16, 2026
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प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के सामने रखी बड़ी शर्त (photo-ians)

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने ईरान को लेकर एक बड़ी शर्त रखी है। नेतन्याहू ने ट्रंप से साफ कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले किसी भी परमाणु समझौते में तेहरान के पूरे परमाणु ढांचे को खत्म करना अनिवार्य होना चाहिए; सिर्फ यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) रोकना पर्याप्त नहीं होगा।

‘समझौते को लेकर संदेह में हैं’

नेतन्याहू ने कहा कि वह किसी संभावित समझौते को लेकर संदेह में हैं, लेकिन यदि कोई डील होती है तो ईरान के पास मौजूद समृद्ध यूरेनियम सामग्री देश से बाहर भेजी जानी चाहिए।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, उन्होंने कहा, “कोई भी संवर्धन क्षमता नहीं होनी चाहिए; केवल प्रक्रिया रोकना नहीं, बल्कि उन उपकरणों और बुनियादी ढांचे को ही खत्म करना होगा जो संवर्धन संभव बनाते हैं।”

दूसरे दौर की होगी वार्ता

बता दें कि इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का दूसरा दौर प्रस्तावित है। एक ईरानी राजनयिक के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ ऐसा परमाणु समझौता करने की कोशिश हो रही है जिससे दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिले।

ईरान के विदेश मंत्रालय में आर्थिक कूटनीति के उपनिदेशक हामिद गनबरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि समझौते की स्थिरता के लिए जरूरी है कि अमेरिका को भी त्वरित आर्थिक लाभ मिले। उन्होंने बताया कि तेल-गैस क्षेत्रों में साझा निवेश, खनन परियोजनाएं और विमान खरीद जैसे मुद्दे बातचीत का हिस्सा हैं।

‘ईरान-अमेरिका तनाव नहीं हुआ खत्म’

हालांकि, अमेरिका-ईरान तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप प्रशासन ने क्षेत्र में दूसरा विमानवाहक पोत भेज दिया है और वार्ता विफल होने पर लंबी सैन्य कार्रवाई की संभावना भी तैयार रखी है।

वहीं निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने ईरान सरकार के खिलाफ वैश्विक प्रदर्शन का आह्वान किया है। उनके आह्वान पर जर्मनी के म्यूनिख में लगभग ढाई लाख लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली ख़ामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ आर्थिक संकट और हालिया दमनकारी कार्रवाई के विरोध में बताए जा रहे हैं।

Updated on:
16 Feb 2026 07:25 am
Published on:
16 Feb 2026 07:25 am