Middle East conflict 2026: इजरायल के इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि इज़राइल और यूनाइटेड स्टेट्स ने ईरान में अयातुल्ला शासन से इजरायल के अस्तित्व के लिए पैदा हुए खतरे को दूर करने के लिए एक जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया है।
Iran–Israel war: अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है। इस बात की ईरानी मीडिया ने भी पुष्टि कर दी। इसके बाद इजरायल के इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि इजराइल और यूनाइटेड स्टेट्स ने ईरान में अयातुल्ला शासन से इजरायल के अस्तित्व के लिए पैदा हुए खतरे को दूर करने के लिए एक जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया है। मैंने आपसे कहा था, ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक ज़रूरी होगा और सब्र भी जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने दोस्त और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को उनके लीडरशिप के लिए धन्यवाद देता हूं। मैंने आज सुबह उनसे फिर बात की और हमारे बीच करीबी सहयोग की तारीफ करता हूं। हम एक खूनी आतंकवादी शासन को न्यूक्लियर हथियारों से लैस नहीं होने देंगे।
नेतन्याहू ने कहा कि हम आतंकवादी शासन के टारगेट पर हमला करते रहेंगे और खतरे को दूर करेंगे। मैं ईरान के नागरिकों से भी अपील करता हूं, यह मौका न चूकें। अपने भविष्य और अपनी आजादी के लिए एकजुट हों। इजरायल के नागरिक, होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करते रहें। साथ मिलकर, हम मजबूती से खड़े रहेंगे।
वहीं ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने कहा कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का रास्ता और मिशन उनकी मौत के बाद भी जारी रहेगा। AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रेजेटर ने ब्रॉडकास्ट के दौरान कहा कि सुप्रीम लीडर की शहादत के साथ, उनका रास्ता और मिशन न तो खोएगा और न ही भुलाया जाएगा, बल्कि उन्हें और ज़्यादा जोश और उत्साह के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने कहा कि जब पहला हमला शुरू हुआ, तब अयातुल्ला अली खामेनेई तेहरान के डाउनटाउन में अपने कंपाउंड में थे। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रॉडकास्टर ने उस जगह को भारी बमबारी वाला बताया और सैटेलाइट इमेज का हवाला दिया, जिसमें इलाके में बहुत ज़्यादा नुकसान दिखा।
अपनी कवरेज में, सरकारी टीवी ने उनकी मौत के हालात को सिंबॉलिक बताया, और कहा कि सुप्रीम लीडर अपने ऑफिस में अपनी ड्यूटी करते हुए मारे गए।
उन्होंने कहा कि कंपाउंड में उनकी मौत दिखाती है कि वह लगातार लोगों के बीच और अपनी ज़िम्मेदारियों में सबसे आगे खड़े रहे, और जिसे अधिकारी ग्लोबल घमंड कहते हैं, उसका सामना किया।