Italy Suspends Defense Agreement with Israel: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इजरायल के साथ रक्षा समझौते को सस्पेंड करने की घोषणा की है।
Italy-Israel Defense Agreement: अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के बीच लेबनान और इजरायल के बीच वाशिंगटन में 33 साल बाद आमने-सामने वार्ता होने जा रही है। मौजूदा परिस्थितियों के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मंगलवार को वेरोना में एक कार्यक्रम के दौरान बेहद हैरानी भरी घोषणा कर हैरान कर दिया है। दरअसल, ईरान ने इजरायल के साथ अपने रक्षा समझौते को सस्पेंड करने का निर्णय लिया है। हालांकि उनकी तरफ से इसको लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
इटली की समाचार एजेंसी ANSA के मुताबिक, 'वेरोना' में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मेलोनी ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए सरकार ने इजरायल के साथ रक्षा समझौते के स्वतः नवीनीकरण को निलंबित करने का निर्णय लिया है।' यह बता दें कि इस समझौते को इजराइल ने 2006 में मंजूरी दी थी और इसकी समीक्षा हर पांच साल में की जाती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'मैंने जो कहा, वह मेरे विश्वास को दर्शाता है कि इस तरह के बयान, खासकर जब वे पोप को लक्ष्य करके दिए जाते हैं, तो वे अस्वीकार्य हैं।'
उन्होंने पोप के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की और आगे कहा, सच कहूं तो, मैं ऐसे समाज में सहज महसूस नहीं करूंगी जहां धार्मिक नेता, वही करें जो राजनीतिक नेता उनसे करने को कहें। दुनिया के इस हिस्से में तो बिल्कुल नहीं।'
ऊर्जा के मुद्दों पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि वह एनी के सीईओ क्लाउडियो देस्काल्जी की स्थिति को समझती हैं, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि यूक्रेन में शांति स्थापित की जा सकती है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि रूसी गैस के मुद्दे पर सावधानी से विचार किया जाना चाहिए।
मेलोनी ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, हमें शांति वार्ता में प्रगति करने, स्थिति को स्थिर बनाने और ईंधन- उर्वरकों सहित प्रमुख मार्गों को फिर से खोलने की दिशा में काम करते रहना चाहिए।'
इटली की तरफ से यह निर्णय जंग में 270 अरब डॉलर के नुकसान के इटली के दावे के बीच आया है। इटली की तरफ से साफ कहा गया है कि वह शांति के लिए तैयार है, लेकिन उसकी कुछ शर्तें हैं। ईरान चाहता है कि उसे यूरेनियम संवर्धन का अधिकार मिले, उस पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं और युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की जाए।