
Colosseum Protest: इटली के प्रमुख शहरों में हो रहे व्यापक प्रदर्शनों के दौरान, प्रदर्शनकारी मशहूर कोलोसियम के अंदर घुस गए। इस दौरान पूरे देश में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। 'यूरोन्यूज़' के अनुसार, यह घटना तब हुई जब रोम में 'विया कावूर' (Via Cavour) से गुजर रहे एक बड़े मार्च से कुछ लोग अलग होकर 'फ्लेवियन एम्फीथिएटर' (कोलोसियम) की ओर चले गए। अंदर जाने के बाद, प्रदर्शनकारियों ने प्लेकार्ड दिखाए और नारे लगाए। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें इस प्राचीन स्मारक से बाहर निकाल दिया, जिससे मुख्य मार्च राजधानी में आगे बढ़ सका।
यह घटना देश भर में हो रहे बड़े और ज्यादातर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का हिस्सा थी। इन प्रदर्शनों में कई मुद्दों को उठाया गया, जिनमें बढ़ती महंगाई, प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की सरकार की नीतियां और मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष शामिल हैं।
इटली के प्रमुख शहरों में हजारों लोग इकट्ठा हुए। 'यूरोन्यूज़' की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लोरेंस, ट्यूरिन, मिलान और रोम जैसे शहरों में प्रदर्शनकारी अलग-अलग इलाकों में छोटे समूहों में बंटे हुए थे। बाद में वे एक साथ मिल गए और सुरक्षा बलों द्वारा रोके जाने के बावजूद बार-बार शहर के मुख्य केंद्रों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे।
'यूरोन्यूज' ने सार्वजनिक सुरक्षा विभाग के हवाले से बताया कि कोई बड़ी झड़प तो नहीं हुई, लेकिन पूरे देश में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। 87 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई, और 371 लोगों (जिनमें 110 नाबालिग और 69 विदेशी नागरिक शामिल हैं) को बैकग्राउंड चेक के लिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
शाम के समय कई जगहों पर तनाव की स्थिति देखी गई। रोम में, सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक युवा प्रदर्शनकारी पुलिस के वॉटर कैनन ट्रक के ठीक सामने खड़ा दिखाई दिया। ट्रक कुछ दूर आगे बढ़ा, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और उस व्यक्ति को खींचकर वहां से हटा दिया।
बोलोग्ना में, जब प्रदर्शनकारियों को 'विया मार्कोनी' और 'विया रेनो' की ओर जाने से रोका गया, तो उन्होंने बोतलें और अन्य चीजें फेंकीं। इसके जवाब में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। 'यूरोन्यूज़' की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान पुलिस की कार्रवाई में एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मिलान में स्थिति काफी शांत रही, जहाँ शहर के केंद्र के पास कम से कम तीन मार्च आपस में मिल गए। हालाँकि, प्रदर्शनकारियों और दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस जरूर हुई।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शनिवार को कानून प्रवर्तन एजेंसियों (पुलिस और सुरक्षा बलों) की तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश भर में "हिंसक तत्वों" द्वारा प्रदर्शनों में बाधा डालने की कोशिशों के बावजूद, इन एजेंसियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखी और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा की।