
Kuwait Energy Crisis: ईरान ने कुवैत के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर भीषण हमला किया है। हमले में जनहानि होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कुवैत के पावर और वाटर डिसेलिनेशन प्लांट को हमले में भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान के एक हमले में एक पावर प्लांट को भी नुकसान पहुंचा, जिसके कारण कई पावर जेनरेशन यूनिट्स पर असर पड़ा और फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा।
कुवैत ने आरोप लगाया कि कि तेहरान के पागल आतंकवादी पड़ोसियों के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला कर रहे हैं, जो पहले से ही ईरान के होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट डालने से परेशान हैं। एक पावर प्लांट पर ईरानी हमले के असर को कम करने के लिए इमरजेंसी प्लान एक्टिवेट किए भी किए गए। एक प्लांट पर ईरान के हमले के बाद पावर जेनरेशन यूनिट्स को भारी नुकसान हुआ है।
कुवैती मंत्रालय के अनुसार ईरान के हमले में पावर प्लांट और वाटर डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान होने पर कुवैत के कई इलाकों में एनर्जी संकट खड़ा होने की आशंका है। हालांकि अब कई प्लांट पर इमरजेंसी प्लान एक्टिवेट किए गए हैंं हमले से प्लांट में आग लग गई और स्ट्रक्चर्स को भी नुकसान पहुंचा है। हमले से कुवैत के कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई पर संकट मंडरा गया है। हालांकि इलेक्टिसिटी मिरिस्ट्री ने जल्द ही हालात काबू में करने की बात कही है।
कुवैत इलेक्ट्रिसिटी मिनिस्ट्री ने सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर मल्टीलेयर सुरक्षा बढ़ाई है। ईरानी हमलों के बाद कुवैत के सभी इलेक्ट्रिकल और डीसेलिनेशन पावर प्लांट्स की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वहीं ईरान को भविष्य में हमले करने पर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सेना को तैनात भी किया गया है।
कुवैत के सैन्यबलों को ईरान की ओर से संभावित हमले के मद्देनजर अलर्ट मोड पर रखा गया है। कुवैत ने हमले को ईरान की सोची समझी साजिश करार दिया है। ईरान ने एक दिन पहले कुवैत के एक युद्धपोत पर हमला कर चुका है। ईरान का आरोप है कि इस युद्धपोत से अमेरिका को सैन्य सामग्री सप्लाई की जा रही थी। ईरान ने कुवैत के सिविल इंफ्रास्टक्टचर पर ड्रोन और मिसाइलों से भीषण हमला किया था।