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‘हम पीछे नहीं हटेंगे’, लेबनान में सीजफायर के बीच इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने खींची नई रेड लाइन

Israel Lebanon Ceasefire: लेबनान में सीजफायर को लेकर नई कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने दक्षिणी लेबनान से पीछे हटने से इनकार किया है।

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Jun 22, 2026
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इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Lebanon Ceasefire Talks: लेबनान में सीजफायर को लेकर चल रहे कूटनीतिक प्रयासों के बीच इजरायल अब और सख्त होता नजर आ रहा है। इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने इस बात को साफ कर दिया है कि इजरायली सरकार दक्षिणी लेबनान में बनाए गए सिक्योरिटी जोन से अपनी सेना को नहीं हटाएगी।

न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स बातचीत के बाद सार ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी दी है कि इजरायल सीजफायर का सम्मान करेगा बशर्ते हिजबुल्लाह भी इसका उल्लंघन नहीं करे।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "लेबनान में हमारी कोई क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा नहीं है लेकिन हम सुरक्षा क्षेत्र से पीछे नहीं हटेंगे और अपने नागरिकों को हिजबुल्लाह के हमलों या संभावित घुसपैठ के खतरे के सामने नहीं छोड़ सकते हैं।"

हिजबुल्लाह, इजरायल ही नहीं लेबनान के लिए भी खतरा

सार ने आरोप लगाया है कि कई सालों से हिजबुल्लाह की वजह से लेबनान की संप्रभुता प्रभावित होती रही है। उन्होंने यह भी कहा हिजबुल्लाह केवल इजरायल के लिए ही नहीं इसके साथ-साथ लेबनान के लिए भी बड़ी समस्या है। यह भी कहा कि हिजबुल्लाह के प्रभाव को खत्म करना ही दोनों देशों के लिए भलाई है।

सीजफायर को मजबूत करने पर हुई बात

दूसरी तरफ लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर और कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से फोन पर बातचीत की है। राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, यह बातचीत सीजफायर को मजबूत करने इजरायली हमलों को कैसे कम किया जाए इस पर विस्तार से चर्चा हुई है।

साथ ही सीजफायर को सही तरीके से लागू करने के लिए कोऑर्डिनेशन सेल बनाने को लेकर भी चर्चा हुई है। इसके पीछे की मंशा यह है कि दोनों देशों के बीच तनाव को कम किया जा सके साथ ही दोबारा युद्ध जैसी स्थिति पैदा न हों।

लेबनान को सौंपे जा सकते हैं कुछ इलाके

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में चल रही बातचीत में इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि इजरायल दक्षिणी लेबनान के कुछ इलाकों से अपनी सेना हटा सकता है। हालांकि इसके लिए इजरायल की शर्त है कि उन क्षेत्रों में हिजबुल्लाह की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए और वहां की जिम्मेदारी लेबनानी सेना संभालेगी।

हालांकि अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इजरायल के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कुछ सहयोगी नहीं चाहते कि इजरायल इस मामले में कोई नरमी दिखाए या पीछे हटे।