
लेबनान (Lebanon) में अब स्थिति बदल रही है। देश की सरकार आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के खिलाफ हो गई है। दरअसल लेबनान की सरकार चाहती है कि ईरान समर्थित आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह का देश में निरस्त्रीकरण कर दिया जाए। लेबनान की सरकार ऐसा इसलिए चाहती है जिससे देश में शांति की स्थापना हो सके। हालांकि लेबनान सरकार के इस विचार से हिज़बुल्लाह नाराज़ हो गया है।
कहा जा रहा है कि लेबनान सरकार ने देश में हिज़बुल्लाह के निरस्त्रीकरण करने का फैसला अमेरिका के दबाव में लिया है। अमेरिका ने इज़रायल के हितों को ध्यान में रखते हुए लेबनान पर हिज़बुल्लाह के निरस्त्रीकरण का दबाव बनाना शुरू किया है।
लेबनान में हथियारों पर पूर्ण नियंत्रण की अंतर्राष्ट्रीय मांग तेज़ हो रही है। ऐसे में दबाव के चलते लेबनानी कैबिनेट ने देश की सेना को हिज़बुल्लाह के निरस्त्रीकरण का प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है जिसके तहत साल के अंत तक आतंकी संगठन के सभी हथियारों को सरकार के नियंत्रण में ले लिया जाएगा।
लेबनान सरकार के इस फैसले से हिज़बुल्लाह नाराज़ हो गया है। हिज़बुल्लाह ने इस फैसले की निंदा की है और कहा है कि इज़रायली खतरे के बीच इस तरह के प्लान से लेबनान कमज़ोर होगा। हिज़बुल्लाह की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि वो हथियार नहीं डालेगा।