
इजराइल के हमलों से तंग आकर लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की। लेकिन इसी बीच इजराइल ने लेबनान पर एक और बड़ा एयर स्ट्राइक कर दिया।
सलाम ने लेबनान में अमेरिकी राजदूत माइकल इस्सा और लेबनान के लिए विशेष सैन्य समन्वय समूह के प्रमुख जनरल जोसेफ क्लियरफील्ड से मुलाकात करने पहुंचे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुलाकात के दौरान सलाम ने इस बात पर जोर दिया कि इजराइल को तबाही मचाने वाले अभियान रोकने चाहिए, प्रायोगिक क्षेत्रों का दायरा बढ़ाना चाहिए और लेबनानी इलाके से इजराइली सेना की वापसी के लिए एक साफ समय-सीमा तय करनी चाहिए।
हालांकि, इसी बीच इजराइली लड़ाकू विमानों और ड्रोन ने दक्षिणी लेबनान के टायर जिले में अल-मंसूरी शहर से जुड़े अल-मशा इलाके और खेती वाले बाहरी इलाकों को निशाना बनाते हुए हमले कर दिए। इसके अलावा, टायर के दक्षिण-पूर्व में स्थित अल-मंसूरी शहर में भी अन्य हमले किए गए।
बता दें कि इजराइल का अभी भी लेबनान के दक्षिणी हिस्से के बड़े इलाकों पर कब्जा है और उसने युद्धविराम पर सहमत होने के बावजूद उसने हमले नहीं रोके हैं। ताजा हमले में कितना नुकसान हुआ है, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है।
इससे पहले, ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्लू) ने यूएन सुरक्षा परिषद से मांग की थी कि वह यह सुनिश्चित करे कि दक्षिणी लेबनान में एक अंतरराष्ट्रीय सेना बनी रहे, ताकि नागरिकों की सुरक्षा हो सके और इजराइली सेना व हिज्बुल्लाह द्वारा किए जाने वाले अत्याचारों को रोका जा सके।
संयुक्त राष्ट्र ने अगस्त 2025 में UNIFIL के कार्यकाल को आखिरी बार 2026 के अंत तक बढ़ाने का फैसला किया था, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से उनकी वापसी शुरू होनी थी। एचआरडब्लू ने कहा कि यह फैसला इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच हालिया तनाव बढ़ने और लाखों नागरिकों के विस्थापित होने से पहले लिया गया था।
एचआरडब्लू के यूएन डायरेक्टर लुइस चार्बोनेउ ने कहा- बिना किसी मजबूत अंतरराष्ट्रीय सेना की मौजूदगी के UNIFIL को हटाना, असल में लाखों लेबनानी नागरिकों को एक अनिश्चित और संभावित रूप से विनाशकारी भविष्य के भरोसे छोड़ देने जैसा होगा।
उन्होंने मांग की कि UNIFIL के कार्यकाल को 31 दिसंबर 2026 के बाद भी तब तक बढ़ाया जाए, जब तक कि सुरक्षा हालात इतने बेहतर न हो जाएं, तब तक सेना में कटौती के बारे में सोचा नहीं जाए।
UNIFIL (लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल) एक अंतरराष्ट्रीय शांति-रक्षा मिशन है, जिसे मार्च 1978 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने स्थापित किया था। लेबनान के नकौरा में स्थित इसका मुख्यालय, लड़ाई रोकने की निगरानी करता है और लेबनान और इज़राइल के बीच "ब्लू लाइन" पर स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है।