विदेश

लेबनान का वो शहर जिसे जीते बिना नहीं रुकेगी इजराइल की फौज, युद्धविराम तभी संभव जब पूरी होगी नेतन्याहू की जिद्द

फाइनेंशियल टाइम्स और रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल-लेबनान युद्धविराम तभी संभव है जब इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान के हिज्बुल्लाह गढ़ बिंट जबील पर पूरा कब्जा कर ले। नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि सेना इस शहर को जल्द जीत लेगी। यह इजराइल का अंतिम दांव माना जा रहा है।
2 min read
• •
Updated: 16 Apr 2026, 8:04 AM IST
Benjamin Netanyahu
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (फोटो- ANI)

लेबनान में पिछले डेढ़ महीने से जारी भयानक लड़ाई अब शायद रुकने वाली है। लेबनानी अधिकारियों का कहना है कि इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच युद्धविराम इसी हफ्ते हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो लाखों बेघर लोगों को राहत मिलेगी और एक बड़े इंसानी संकट पर लगाम लगेगी।

बिंट जबील पर टिकी है सारी कहानी

फाइनेंशियल टाइम्स और रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्धविराम तभी होगा जब इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान के शहर बिंट जबील पर पूरी तरह कब्जा कर लेगी।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को खुद कहा कि यह शहर हिज्बुल्लाह का गढ़ है और उनकी सेना इसे जल्द ही जीतने वाली है। यानी साफ है, जब तक बिंट जबील नहीं गिरता, समझौते की मेज नहीं सजेगी। माना जा रहा है कि इजराइल का यह आखिरी दांव है।

जंग कैसे शुरू हुई?

इजराइल ने 2 मार्च को लेबनान पर हमला शुरू किया था। इसकी वजह थी हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमले, जो ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद किए गए थे। खामेनेई की मौत अमेरिका और इजराइल के संयुक्त अभियान में हुई थी।

तब से अब तक लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2,167 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इनमें 172 बच्चे और 91 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। दस लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं।

ट्रंप चाहते हैं शांति, पर शर्तें अलग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते ईरान और अमेरिका के बीच 14 दिन के संघर्षविराम का ऐलान किया था। अब सवाल यह है कि क्या यह समझौता लेबनान पर भी लागू होता है?

ईरान और पाकिस्तान जो इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, उनका साफ का कहना है कि हां, यह समझौता लेबनान को भी कवर करता है। लेकिन अमेरिका और इजराइल साफ इनकार कर रहे हैं।

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बिना नाम बताए कहा कि ट्रंप लेबनान में लड़ाई रुकने का स्वागत करेंगे, लेकिन अमेरिका-ईरान बातचीत का इजराइल-लेबनान शांति वार्ता से कोई सीधा रिश्ता नहीं है।

बफर जोर है इजराइल की असली चाहत

इजराइल दक्षिणी लेबनान में सीमा से 8 से 10 किलोमीटर अंदर तक एक बफर जोन बनाना चाहता है। यानी एक ऐसी पट्टी जहां हिज्बुल्लाह के लड़ाके न रह सकें और इजराइल अपनी उत्तरी सीमा को सुरक्षित रख सके। युद्धविराम की शर्तों में यह बफर जोन कितना बड़ा होगा और उसे कौन संभालेगा? यह सवाल अभी भी अटका हुआ है।

यह हफ्ता बेहद अहम

फिलहाल सारी नजरें बिंट जबील पर हैं। जैसे ही वहां की लड़ाई खत्म होगी, शांति वार्ता की रफ्तार बढ़ सकती है। लेबनान के लोगों के लिए यह हफ्ता बेहद अहम साबित हो सकता है।

Updated on:
16 Apr 2026, 8:04 AM IST
Published on: