
Mohammad Bagher Ghalibaf (Photo - ANI)
Middle East tensions: अमेरिका के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के बाद ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने इजरायल द्वारा लेबनान पर हमले को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि ये हमले समझौते का उल्लंघन हैं। इसके बदले में इस्लामी गणराज्य ईरान की ओर से कड़ी जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि लेबनान युद्धविराम ढांचे का अभिन्न हिस्सा है। क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए ईरान के सहयोगियों के रूप में लेबनान को इस शांति प्रक्रिया से अलग नहीं किया जा सकता।
ईरानी नेता ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा की गई टिप्पणियों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से और स्पष्ट रूप से कहा था कि लेबनान युद्धविराम समझौते का हिस्सा था, भले ही बाद में इजरायल या अमेरिका ने इससे इनकार किया हो। उन्होंने चेतावनी देते हुए आगे कहा, 'युद्धविराम उल्लंघन के गंभीर परिणाम होते हैं और इसके लिए कड़ी कार्रवाई की जाती है। आग को तुरंत बुझाएं।'
एक तरफ लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर इज़रायल के हमले का ईरान विरोध करते हुए इसे युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका समर्थन करता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि इज़रायल युद्धविराम समझौते में शामिल नहीं है। इन विरोधाभासी बयानों ने युद्धविराम के टूटने के जोखिम को बढ़ा दिया है। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि उनकी सेना हिज़्बुल्लाह के खिलाफ अभियानों को जारी रखेगी।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बात की। उन्होंने युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की और उनसे यह पुष्टि करने को कहा कि ईरान के साथ लागू युद्धविराम में लेबनान शामिल है या नहीं।
उधर, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने भी कहा है कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम केवल उन्हीं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें लेबनान को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इज़रायल की हालिया सैन्य कार्रवाइयों से युद्धविराम कमजोर पड़ रहा है।
Published on:
09 Apr 2026 08:19 pm
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