
India On Masood Azhar Reward: जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर पाकिस्तान की ओर से 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किए जाने पर भारत ने पाकिस्तान को घेरा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लोगों को गुमराह करने वाली ऐसी चालें नई नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश जब इस तरह के ऐलान करता है तो उनकी गंभीरता और नतीजे सभी जानते हैं। जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को दिखावटी घोषणाएं करने के बजाय ऐसे ठोस कदम उठाने चाहिए, जिनका जमीन पर वास्तविक असर दिखाई दे।
आपको बता दें कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का नाम पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) की मोस्ट वांटेड आतंकियों की रेड बुक में शामिल किया गया है। इसके साथ ही उसके बारे में सूचना देने पर मिलने वाले इनाम की राशि बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी गई है। बताया गया है कि एफआईए ने इससे पहले 2021 में भी मसूद अजहर पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम घोषित किया था। करीब पांच साल बाद अब इस राशि को बढ़ाकर 70 लाख रुपये किया गया है।
मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाए जाने के समय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान ने यह कदम अक्टूबर में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक से पहले उठाया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस कार्रवाई के जरिए पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का संदेश देने की कोशिश कर सकता है। भारत ने भी पाकिस्तान की इस कार्रवाई को दिखावटी बताते हुए कहा है कि केवल घोषणाओं से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई वास्तविक नतीजा नहीं निकलेगा।
पाकिस्तान की एफआईए का कहना है कि मसूद अजहर करीब 18 साल से फरार है। वहीं, भारतीय खुफिया एजेंसियों का दावा है कि वह पाकिस्तान में ही मौजूद है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, पिछले छह महीनों में मिले संकेतों से पता चलता है कि मसूद अजहर पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में छिपा हुआ है। भारतीय पक्ष का यह भी दावा है कि उसे पाकिस्तान की सरकार और सेना की ओर से सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।