विदेश

पाकिस्तान में अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान तैयार! मोजतबा खामेनेई ने दिया ग्रीन सिग्नल

Iran-US Talks: पाकिस्तान में अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान तैयार हो गया है। बताया जा रहा है कि ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने खुद इसके लिए ग्रीन सिग्नल दिया है।
2 min read
• •
Updated: 21 Apr 2026, 1:01 PM IST
Mojtaba Khamenei
मोजतबा खामेनेई (File Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच सीज़फायर का आज, मंगलवार, 21 अप्रैल को आखिरी दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कह चुके हैं कि सीज़फायर आगे नहीं बढ़ेगा, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच समझौता हो जाएगा। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर आज पाकिस्तान (Pakistan) के इस्लामाबाद (Islamabad) शहर में होना तय हुआ है। दोनों पक्ष युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने के लिए स्थायी समझौते पर पहुंचना चाहते हैं, लेकिन ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि धमकियों के बीच वो किसी तरह की शांति-वार्ता का हिस्सा नहीं बनेगा। ऐसे में सभी के मन में यह सवाल था कि क्या इस्लामाबाद में होने वाली इस बातचीत में ईरान शामिल होगा? अब ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने इस मामले में फैसला ले लिया है।

मोजतबा ने दिया ग्रीन सिग्नल

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका से होने वाली बातचीत के लिए ईरान तैयार हो गया है। खुद सुप्रीम लीडर मोजतबा ने इसके लिए ग्रीन सिग्नल दिया है। रिपोर्ट के अनुसार मोजतबा ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल की टीम को पाकिस्तान जाने और बातचीत में शामिल होने की अनुमति दे दी है।

ट्रंप ने दी थी धमकी

पहले ईरान ने अमेरिका से बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर से ईरान पर बमबारी शुरू करने की धमकी दी थी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) के दबाव में ईरान का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में अमेरिका से बातचीत को टाल रहा था।

कब हटेगी होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नाकेबंदी?

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से अमेरिकी नाकेबंदी हटाने के बारे में एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से समझौता होने तक होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नाकेबंदी नहीं हटेगी। ट्रंप का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान को काफी नुकसान हो रहा है जिससे उस पर दबाव बढ़ रहा है और जब तक दोनों पक्षों के बीच समझौता नहीं होता, तब तक यह नाकेबंदी जारी रहेगी।