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ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की तलाश में मोसाद और CIA

Mojtaba Khamenei: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई 150 दिनों से गायब, मोसाद और सीआईए कर रही तलाश। जानें पूरी कहानी...
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Aug 02, 2026
Iran Supreme Leader Mojtaba Khamenei
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई। (फोटो- IANS)

Mossad CIA search Mojtaba Khamenei: 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया। तब से लेकर आज तक मोजतबा को कहीं भी सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया है। ऐसे में रिपोर्ट्स सामने आ रहे हैं कि इजरायल और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां, मोसाद और सीआईए उनकी तलाश कर रही हैं।

150 दिनों से किसी भी डिजिटल उपकरण को नहीं लगाया हाथ

इजरायली मीडिया ने द टाइम्स ऑफ लंदन के इस हफ्ते की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि लगभग 150 दिनों से मोजतबा खामेनेई ने फोन को हाथ नहीं लगाया है। न ही लैपटॉप, रेडियो या ऐसी किसी भी चीज को जिससे डिजिटल सिग्नल निकलता हो। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जिस एयरस्ट्राइक में उनके पिता की मौत हुई थी, उसी हमले में लगी चोटों की वजह से मोजतबा का चेहरा भी काफी बिगड़ गया है। उन्हें डर सता रहा है कि अमेरिका का कोई जासूसी सैटेलाइट उनकी पहचान कर सकता है, इसलिए वे बेहद सावधानी बरत रहे हैं।

अली खामेनेई का पता लगाने के लिए हर साइबर ट्रिक का किया इस्तेमाल

उनके पिता का पता लगाने के लिए, इजरायल और अमेरिका ने लगभग हर साइबर ट्रिक का इस्तेमाल किया। तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया गया था, ताकि सुप्रीम लीडर के बॉडीगार्ड और उनके करीबी लोगों की गाड़ियों को ट्रैक किया जा सके। अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी और इजरायल की यूनिट 8200 ने मिलकर यह तकनीक तैयार की थी, जिससे यह जानकारी मिल गई कि हमले वाले दिन खामेनेई और उनके साथ मौजूद सीनियर सैन्य व खुफिया अधिकारी ठीक किस जगह पर थे। इसी जानकारी के आधार पर हमला किया गया और सभी मारे गए।

ह्यूमन इंटेलिजेंस का खुफिया एजेंसिया ले रही सहारा

मोजतबा खामेनेई को ढूंढने का तरीका अब सिग्नल इंटरसेप्शन या तकनीकी निगरानी नहीं है, बल्कि ह्यूमन इंटेलिजेंस है। ह्यूमन इंटेलिजेंस खुफिया जानकारी जुटाने का पुराना, धीमा और खतरनाक तरीका है। इसके लिए लोगों को अपनी आंखों से चीजें देखनी होती हैं, जानकारी को आगे पहुंचाना होता है और जिंदा भी रहना होता है। इंटेलिजेंस कम्युनिटी में कुछ लोगों का मानना ​​है कि वह शायद पहले ही मर चुका है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स अमेरिकियों के खिलाफ युद्ध को सही साबित करने के लिए सुप्रीम लीडर के जिंदा होने का नाटक कर रही है।

अमेरिकी अधिकारी ने कहा- हमने अब तक कई ईरानी नेता मारे

अगर मोसाद और सीआईए फिर भी उनकी लोकेशन पता करने में कामयाब हो जाते हैं, तो यह मामला राजनीतिक क्षेत्र में चला जाएगा। येरूसलम और वाशिंगटन में सुरक्षा प्रमुख को यह तय करना होगा कि इस जानकारी का क्या करना है। उस समय, सवाल ऑपरेशनल नहीं, बल्कि रणनीतिक होगा। अमेरिका के एक पुराने सीनियर इंटेलिजेंस अधिकारी ने इस मुश्किल के बारे में कहा कि मुझे लगता है कि हमने अभी के लिए शायद काफी ईरानी नेताओं को मार दिया है, खासतौर से जब तक कि इस बात का पूरा भरोसा न हो कि मौजूदा नेता की जगह कोई ऐसा आएगा जो ईरान के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हो।

Updated on:
02 Aug 2026 04:42 pm
Published on:
02 Aug 2026 04:42 pm