विदेश

अयातुल्ला अली खामेनेई को दुनिया ने दी अंतिम विदाई, 70 से ज्यादा देशों ने भेजे प्रतिनिधि; भारत की ओर से भी शामिल हुए कई लीडर

Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सभी देशों का आभार जताया। वहीं भारत की ओर से भी कई लीडर ने तेहरान पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
2 min read
Jul 05, 2026
Ayatollah Ali Khamenei Funeral
ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल हुए 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधि (इमेज सोर्स: ANI)

Iran Supreme Leader Funeral: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में दुनिया के कई देशों की मौजूदगी देखने को मिली। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बताया कि 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने अंतिम संस्कार समारोह में हिस्सा लेकर खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह समर्थन ईरान और इन देशों के संबंधों के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। इस बीच भारत की ओर से भी सरकारी और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने तेहरान पहुंचकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

ईरान ने 70 से ज्यादा देशों का जताया आभार

विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि ईरान उन 70 से अधिक देशों का आभारी है, जिन्होंने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए अपने प्रतिनिधि भेजे।

बता दें तेहरान में जारी अंतिम संस्कार समारोह में हजारों लोग शामिल हुए। प्रेस टीवी के मुताबिक, ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने खामेनेई को अंतिम विदाई दी। इस दौरान ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अराघची भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल आए।

अंतिम संस्कार में शामिल हुए भारत का भी प्रतिनिधित्व

अंतिम संस्कार में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम-हुसैन मोहसिनी एजेई और कई वरिष्ठ ईरानी नेता मौजूद रहे।

विदेशी प्रतिनिधियों में तुर्कमेनिस्तान, इराक, आर्मेनिया, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान, कुर्दिस्तान क्षेत्र, बांग्लादेश, अजरबैजान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और किर्गिस्तान समेत कई देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा रूस, तुर्किये, सऊदी अरब, ओमान, निकारागुआ, कांगो, बुर्किना फासो और अन्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भी समारोह में भाग लिया।

भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। दोनों ने भारत सरकार और देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।

सलमान खुर्शीद और महबूबा मुफ्ती ने भी दी श्रद्धांजलि

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई भारत और ईरान के सदियों पुराने सभ्यतागत रिश्तों का प्रतीक थे। उनके अनुसार, दोनों देशों का संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझा इतिहास और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित है।
खुर्शीद ने कहा कि खामेनेई ने अपने जीवन के साथ-साथ अपने बलिदान से भी दुनिया को एक संदेश दिया है।

वहीं, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने तेहरान से लौटते समय सोशल मीडिया पर लिखा कि इस दुख की घड़ी में उनकी संवेदनाएं ईरान के नेतृत्व और वहां के लोगों के साथ हैं।

बता दें ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम पूरे सप्ताह चलेंगे। उनका पार्थिव शरीर फिलहाल तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। मुख्य अंतिम यात्रा सोमवार को तेहरान में निकाली जाएगी। इसके बाद मंगलवार को क़ुम, बुधवार को इराक के नजफ और कर्बला तथा गुरुवार को मशहद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ईरान के अनुसार, 10 जुलाई को खामेनेई को उनके जन्म स्थान मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार के विभिन्न कार्यक्रमों में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है, जबकि कुल मिलाकर एक करोड़ से ज्यादा लोगों के इन आयोजनों में भाग लेने का अनुमान है। ईरान इसे अपने इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक शोक समारोहों में से एक मान रहा है।

Updated on:
05 Jul 2026 07:31 pm
Published on:
05 Jul 2026 07:31 pm