
पाकिस्तान में 8.5 अरब के परिवहन घोटाले का पर्दाफाश। ( सांकेतिक फोटो: ANI)
PKR Transit Scam Transport Scam Exposed: पाकिस्तान के सरकारी स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार और 8.5 अरब के परिवहन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस बड़े घोटाले के मुख्य आरोपी आला अफसर जमीर अब्बासी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कराची मोबिलिटी प्रोजेक्ट (केएमपी) की बस रैपिड ट्रांजिट येलो लाइन से जुड़े 8.5 अरब पाकिस्तानी क्रोनर के बड़े भ्रष्टाचार घोटाले में इस मुख्य आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद जमानत के लिए प्रांतीय भ्रष्टाचार विरोधी अदालत में याचिका दायर की है।
अदालत ने सिंध की प्रशासनिक व्यवस्था में व्याप्त गहरे भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए अभियोजन पक्ष और मामले के जांच अधिकारी दोनों को औपचारिक नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई 11 जुलाई के लिए निर्धारित की। पीठासीन न्यायाधीश ने आदेश दिया कि मुख्य संदिग्ध, जमीर अब्बासी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया जाए।
जानकारी के अनुसार अरबों रुपये के गबन का यह मामला तब शुरू हुआ जब सिंध भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिष्ठान ने अब्बासी के खिलाफ मामला दर्ज कराया, जो केएमपी के परियोजना निदेशक के रूप में कार्यरत एक उच्च पदस्थ ग्रेड-19 प्रांतीय अधिकारी थे। जांच में उनके साथ-साथ तत्कालीन खरीद निदेशक झमन दास और कई अन्य लोगों के नाम भी शामिल थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री निरीक्षण, जांच और कार्यान्वयन दल विभाग की ओर से रणनीतिक परिवहन परियोजना से जुड़े व्यापक वित्तीय कुप्रबंधन की गहन जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।
संदिग्ध की हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद देश में सार्वजनिक खरीद की गंभीर रूप से भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो गया। जांच अधिकारी, इंस्पेक्टर शेर जमान ने अब्बासी को अदालत के समक्ष पेश करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है। एसीई की संयुक्त जांच टीम (सीआईटी) के एक सदस्य ने अदालत में पेश होकर खुलासा किया कि लाखों की असुरक्षित भुगतान राशि बिना किसी बैंक गारंटी के स्वीकृत कर दी गई थी, जिससे सार्वजनिक धन सीधे तौर पर खतरे में पड़ गया था।
इन निष्कर्षों के परिणामस्वरूप, अदालत ने प्रभावशाली नौकरशाह को 13 जुलाई तक जेल भेज दिया। इसके अलावा, जेल प्रशासन को आगामी सुनवाई के दौरान उन्हें वीडियो लिंक के माध्यम से पेश करने का निर्देश दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आरोपों में पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 477-ए और 34 शामिल हैं, जो लोक सेवक की ओर से आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और खातों में हेराफेरी से संबंधित हैं, साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1947 की धारा 5(2) भी लगाई गई है। ( इनपुट : ANI)
Updated on:
05 Jul 2026 07:40 pm
Published on:
05 Jul 2026 07:39 pm
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