विदेश

म्यांमार-थाईलैंड भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा 2,000 पार, 4 दिन से घरों में जाने से डर रहे लोग सड़कों पर रहने को मजबूर

Myanmar-Thailand Earthquake: म्यांमार-थाईलैंड भूकंप में मृतकों की संख्या बढ़ने का सिलसिला बरकरार है। यह आंकड़ा 2,000 पार कर चुका है और अभी भी इसके बढ़ने की आशंका खत्म नहीं हुई है।
2 min read
• •
Updated: 1 Apr 2025, 10:11 AM IST
Earthquake in Myanmar-Thailand
Earthquake in Myanmar-Thailand

म्यांमार (Myanmar) में शुक्रवार, 28 मार्च को देश के इतिहास का सबसे घातक भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.7 रही और गहराई 10 किलोमीटर। भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजकर 50 मिनट (लोकल समयानुसार 12 बजकर 50 मिनट) पर यह भूकंप आया और कुछ ही देर में तबाही का मंजर शुरू हो गया। इस भूकंप का तेज़ झटका थाईलैंड (Thailand) में भी महसूस किया गया। भूकंप के बाद दोनों देशों में ही प्रभावित क्षेत्रों के साथ आसपास के उन इलाकों में भी हाहाकार मच गया, जहाँ इसका झटका महसूस किया गया। पहले भूकंप के बाद म्यांमार में कई आफ्टरशॉक्स आए और अभी भी रह-रहकर आ रहे हैं।

मरने वालों का आंकड़ा 2,000 पार

म्यांमार-थाईलैंड भूकंप (Myanmar-Thailand Earthquake) में मरने वालों का आंकड़ा 2,000 पार हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार मरने वालों की संख्या 2,056 हो चुकी है और इसके बढ़ने की आशंका बरकरार है। भूकंप के बाद सामने आई अमेरिकी रिपोर्ट ने इस दर्दनाक आपदा में करीब 10,000 लोगों की मौत की आशंका जताई थी।

3,900 लोग घायल

भूकंप की वजह से करीब 3,900 लोग घायल हो गए हैं। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। इनमें से कई घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घायलों की संख्या भी बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

डरे हुए लोग सड़कों पर रहने को मजबूर

भूकंप के बाद म्यांमार में प्रभावित क्षेत्र में कई लोग सड़कों पर रह रहे हैं। उन्हें इस बात का डर है कि अभी और आफ्टरशॉक्स आ सकते हैं जिससे और नुकसान होने की संभावना है। इसी वजह से कई लोग घरों या इमारतों में रहने की बजाय सड़कों पर रह रहे हैं जिससे आफ्टरशॉक्स की स्थिति में तुरंत ही भागकर सुरक्षित स्थानों पर जा सके।

यह भी पढ़ें- 3 इडियट्स में आमिर खान की तरह 13 साल के बच्चे ने असल ज़िंदगी में किया कमाल, घर पर ही कराई माँ की डिलीवरी

Updated on:
1 Apr 2025, 10:11 AM IST
Published on: