
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लगातार चेतावनी के बावजूद लेबनान के प्रति इजराइल का रुख नहीं बदल रहा है। इजराइल ने लेबनान पर एक बार फिर ड्रोन अटैक कर दिया है, जिसमें चार लोगों की जान चली गई है।
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के नबातीह में इजराइली ड्रोन ने एक गाड़ी को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जिस कार को निशाना बनाया गया, उसमें एक स्कूल प्रिंसिपल, उनकी मां, एक विदेशी महिला (हाउस वाइफ) और सीरिया के एक पुरुष कर्मचारी सवार थे। हमले में सभी की मौत हो गई है। चारों लोग अपने परिवार से मिलकर वापस लौट रहे थे।
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि एक के बाद दूसरा हमला (डबल टैप) भी हुआ, जिसमें मदद के लिए इकट्ठा हुए लोगों को भी निशाना बनाया गया।
इलाके में धुआं उठता दिखा और स्थानीय लोग दहशत में हैं। एक दिन पहले लेबनान पर इजराइल ने हमला किया था, जिसमें भारी नुकसान हुआ।
उधर, इजराइली सेना ने कहा कि उन्होंने हिजबुल्लाह के उन लड़ाकों को टारगेट किया जो उनके सैनिकों के लिए खतरा बन सकते थे। लेकिन लेबनान की तरफ से इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया जा रहा है।
नबातीह दक्षिणी लेबनान का महत्वपूर्ण शहर है। यहां पहले भी कई हमले हो चुके हैं। इस बार का हमला उस समझौते के बाद हुआ है जिसमें ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध रोकने की कोशिशें चल रही थीं। लेबनान के कई इलाकों में लोग अब भी डरे हुए हैं।
घरों के पास धमाकों की आवाजें सुनकर बच्चे और महिलाएं घबरा जाते हैं।लेबनान की सरकार ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले शांति प्रक्रिया को कमजोर करते हैं।
हिजबुल्लाह की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी गई है, हालांकि अभी कोई बड़ा हमला नहीं हुआ है। स्थानीय लोग बताते हैं कि रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है।
स्कूल बंद हैं, बाजार कम खुलते हैं और हर कोई डर के साए में जी रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों तरफ से संयम नहीं बरता गया तो तनाव और बढ़ सकता है।