Strait of Hormuz crisis: मोहसिन रजाई ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान जब तक नहीं छोड़ेगा तब तक उसके अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो जाते।
US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। वहीं दोनों देशों के बीच पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता हो सकती है। इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक वह होर्मुज जलडमरूमध्य से पीछे नहीं हटेगा।
ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक रजाई ने कहा कि ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग को अपने लिए एक अहम दबाव बिंदु मानता है और अपने आर्थिक व समुद्री हितों पर लगाई गई गैरकानूनी पाबंदियों के खिलाफ यहां अपनी पकड़ बनाए रखेगा।
मोहसिन रजाई ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान जब तक नहीं छोड़ेगा तब तक उसके अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो जाते। उन्होंने आगे कहा कि पिछली बातचीत से सबक लेते हुए अब समझौतों को ज्यादा सावधानी से और आर्थिक मुद्दों पर फोकस के साथ तैयार करना होगा।
सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार ने कहा कि अमेरिका लंबी जंग करने से डरता है, लेकिन इसके लिए हम तैयार है। हमें इसका अनुभव भी है। अगर ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, तो फिर अमेरिकी जहाज इस क्षेत्र से गुजरने से क्यों बचते हैं? अब शर्तें ईरान तय करेगा।
बता दें कि पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल रहने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बाद होर्मुज में नाकेबंदी कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बुधवार को दावा किया था कि ईरान के बंदरगाहों पर व्यापक नाकेबंदी सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है।
CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि ऑपरेशन शुरू होने के 36 घंटे के भीतर ही अमेरिकी बलों ने ईरान में आने-जाने वाले लगभग सभी समुद्री व्यापार को रोक दिया है और क्षेत्र के प्रमुख जलमार्गों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
गौरतलब है कि दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरती है, जो इस समय ईरान-अमेरिका टकराव का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। हालांकि, दूसरी ओर कूटनीतिक स्तर पर तनाव खत्म करने के प्रयास भी जारी हैं।