दक्षिण कोरियाई रेडियो में प्रसारित एक कार्यक्रम के आधार पर उत्तर कोरियाई अखबार ने अमरीका पर धोखा देने का आरोप लगाया है।
प्योंगयांग। उत्तर कोरिया और अमरीका को संबंध पेंडुलम की तरह इधर से उधर झूल रहे हैं - कभी दोनों देश दोस्त नजर आने लगते हैं, तो कभी कट्टर दुश्मन। एक बार फिर दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो चुके हैं। ऐसे में उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने अमरीका पर यह आरोप लगाया है कि वह उत्तर कोरिया के खिलाफ जंग करने के लिए षड्यंत्र रच रहा है। अमरीका पर आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि वह दुनिया को दिखाने के लिए तो उत्तर कोरिया से मीठी-मीठी बातें कर रहा है, लेकिन असल में उसके इरादे कुछ और हैं। उत्तर कोरिया का आरोप है कि अमरीका वास्तव में उत्तर कोरिया पर युद्ध थोपना चाहता है।
दक्षिण कोरियाई रेडियो के कार्यक्रम से हुआ खुलासा
उत्तर कोरिया का यह बयान वहां के समाचार पत्र रोडोंग सिनमुन में प्रकाशित हुआ है। दुनिया की एकमात्र महाशक्ति के साथ दोस्ती की आस लगाए बैठे उत्तर कोरिया के रुख में अचानक यह बदलाव दरअसल दक्षिण कोरियाई रेडियो में प्रसारित उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें अनुसार अमरीकी सुरक्षा बल जापान में कड़ा सैन्य अभ्यास करने में जुटे हुए हैं और इस खास सैन्य अभ्यास का उद्देश्य उत्तर कोरिया पर हमला करना है।
उत्तर कोरिया पर हमला करने के लिए जापान में सैन्य अभ्यास
उत्तर कोरियाई समाचार पत्र ने आगे लिखा है कि उनका देश अमरीका के दोहरे चरित्र पर नजर रख रहा है। दोस्ती की आड़ में अमरीका किस तरह निर्दोष उत्तर कोरियाई लोगों का खून बहाना चाहते हैं, यह उत्तर कोरिया से छिपा नहीं है। दोस्ती का हाथ बड़ाने वाले अमरीका की सेना जापान में सैन्य अभ्यास में जुटी है, इससे उसके चेहरे पर पड़ा नकाब उतर जाता है।
जापान स्थित अमरीकी सेना ने युद्ध अभ्यास से किया इनकार
एक तरफ जहां उत्तर कोरिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर अमरीका यह सोचता है कि वह 'गनबोट कूटनीति' के जरिए उत्तर कोरिया के शासन को उखाड़ फेंक सकता है, तो यह उसकी भूल होगी। उत्तर कोरिया को वह उन देशों जैसा न समझे, जहां अतीत में उसकी ऐसी नापाक चालें सफल सफल साबित हुई थीं। उधर, अमेरिकी सेना जापान का कहना है कि उत्तर कोरिया जिन सैन्य अभ्यासो की बात कर रहा है औऱ जिन पर दक्षिण कोरिया रेडियो पर कार्यक्रम प्रसारित किया गया था, उनके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। जापान से अमरीकी जहाजों और विमानों का संचालन कोई नई बात नहीं है, क्षेत्रीय सुरक्षा और अमरीका के सहयोगियों के लिए ऐसे संचालन रोज किए जाते हैं।