
Oman Ship Attack: ओमान के तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले को लेकर विदेश मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि, "उस जहाज पर हमारे 14 भारतीय क्रू मेंबर थे। दुख की बात है कि उनमें से एक की मौत हो गई है। हम अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि वहां मौजूद बाकी 13 भारतीय नागरिकों को वापस भारत लाया जा सके।
हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि मृतक भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को वापस भारत लाया जा सके। मैं ओमान के अधिकारियों को उनकी त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद देता हूं… हम एक बार फिर सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाएं ताकि इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति बहाल हो सके। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर आवाजाही की स्वतंत्रता को बहाल किया जाना चाहिए और इसकी गारंटी दी जानी चाहिए।"
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि, तट के पास भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज 'MSV अल जुसुफी' (Al Jusufi) पर अज्ञात हवाई वस्तु या प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। जहाज पर सवार 14 भारतीय नाविकों में से गुजरात के एक नाविक गंधार नाहिम अजिज (Gandhar Nahim Ajij) की चोट लगने के कारण मौत हो गई है। ओमान कोस्ट गार्ड ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बाकी 13 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री व्यापारिक मार्गों पर सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हुई हैं। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।
भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और ओमान स्थित भारतीय दूतावास वहां के स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। सुरक्षित बचाए गए 13 भारतीय क्रू सदस्यों को सहायता दी जा रही है और हमले में जान गंवाने वाले नाविक के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ओमान सरकार के अनुसार फिलहाल जहाज पर हमला किसने किया और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी जानकारी का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। मंत्री के बयान में हमले के लिए इस्तेमाल की गई वस्तु को अज्ञात हवाई वस्तु होना बताया गया है।