
मस्कट। ओमान ने होर्मुज से समुद्री यातायात को बिना किसी टोल के संचालित करने के लिए दो अलग-अलग नौवहन गलियारे (शिपिंग कॉरिडोर) बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस रणनीतिक जलमार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पक्षों के बीच बातचीत जारी है। ईरान और अमेरिका के बीच हालिया सैन्य हमलों के बावजूद होर्मुज के भविष्य के प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण इस जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जून में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत ईरान और ओमान भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात के प्रबंधन को लेकर बातचीत कर रहे हैं। हालांकि हाल के सप्ताहों में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों और उसके बाद ईरान और अमेरिका के बीच जवाबी सैन्य कार्रवाई के कारण इन वार्ताओं पर दबाव बढ़ गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दोनों नौवहन गलियारे खुले रहेंगे। दक्षिणी गलियारे से गुजरने वाले जहाजों के लिए ओमान और ईरान के प्रादेशिक जलक्षेत्र से होकर विशेष नौवहन व्यवस्था लागू की जाएगी।
सूत्र के हवाले से कहा गया कि ओमान के प्रादेशिक जलक्षेत्र से गुजरने वाले दक्षिणी गलियारे में जहाजों की आवाजाही उसी तरह होगी, जैसी क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से पहले होती थी। दूसरी ओर ईरान के प्रादेशिक जलक्षेत्र से गुजरने वाले उत्तरी गलियारे का उपयोग करने वाले जहाजों को यात्रा से पहले ईरानी अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। सूत्र के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था में किसी भी जहाज से मार्ग उपयोग के लिए टोल नहीं लिया जाएगा। यह पहल ऐसे समय सामने आई है जब ईरान और ओमान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात के प्रबंधन को लेकर बातचीत कर रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मस्कट में अपने ओमानी समकक्ष सैयद बद्र अलबुसैदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने जलमार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की। ईरान और ओमान के बीच स्थित यह संकरा जलमार्ग विश्व के तेल और गैस व्यापार का प्रमुख मार्ग है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
हाल के सप्ताहों में ईरान ने जहाजों को अपने प्रादेशिक जलक्षेत्र से होकर गुजरने वाले मार्गों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसे जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत करने की उसकी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इस कदम पर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और समुद्री संगठनों ने चिंता जताई है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) और ओमान पहले भी ओमान के जलक्षेत्र से होकर गुजरने वाले वैकल्पिक दक्षिणी मार्ग का समर्थन कर चुके हैं, हालांकि बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के बावजूद कुछ जहाज पारंपरिक मार्गों का उपयोग करते रहे हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य ईरान की सुरक्षा चिंताओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निर्बाध वाणिज्यिक नौवहन की मांग के बीच संतुलन स्थापित करना है। समझौते के अंतिम स्वरूप और उसके क्रियान्वयन को लेकर वार्ता अभी जारी है। ईरान ने रविवार को पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य को लेकर ओमान के साथ उसकी बातचीत जारी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि यह वार्ता होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात और नौवहन के प्रबंधन की व्यवस्था पर दोनों तटीय देशों के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
उन्होंने बताया कि शनिवार को मस्कट में ईरान और ओमान के बीच हुई वार्ता में कतर का प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था। बघाई के अनुसार हाल के महीनों में अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले क्षेत्रीय देशों में शामिल होने के कारण कतर को भी चर्चा में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि वार्ता में दोनों देशों के कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा- नौवहन सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।