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Operation Hawkeye: अमेरिका ने सीरिया से लिया बदला, ISIS के 50 आतंकी ढेर, 10 दिन तक चली बमबारी

US Airstrikes: अमेरिका ने सीरिया में 'ऑपरेशन हॉकआई' चलाकर ISIS के 50 से ज्यादा आतंकियों का खात्मा किया। यह हमला अमेरिकी सैनिकों की हत्या का बदला है।

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Feb 15, 2026
अमेरिका ने सीरिया के खिलाफ ऑपरेशन हॉकआई चलाया। ( फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)

ISIS Syria : अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS Terrorists) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई (US Airstrikes Syria) में से एक को अंजाम दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि 'ऑपरेशन हॉकआई' (Operation Hawkeye) के तहत 50 से अधिक ISIS लड़ाकों को मार गिराया गया है। यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले का सीधा जवाब (US Military Revenge) मानी जा रही है। अमेरिकी सेना ने 3 फरवरी से 12 फरवरी के बीच सीरिया में ISIS के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इस ऑपरेशन में अमेरिका ने अपनी सबसे घातक हवाई ताकत का प्रदर्शन किया। हमलों में F-15E स्ट्राइक ईगल्स, A-10 वारथोग्स (Warthogs), AC-130J घोस्टराइडर और MQ-9 रीपर ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। जॉर्डन के F-16 लड़ाकू विमानों ने भी इस मिशन में अमेरिकी वायुसेना का साथ दिया।

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क्यों शुरू हुआ 'ऑपरेशन हॉकआई'? (CENTCOM)

इस भीषण हमले की वजह दिसंबर में पलमायरा (Palmyra) में हुआ एक आतंकी हमला था। उस हमले में ISIS के आतंकियों ने घात लगाकर दो अमेरिकी सैनिकों और एक अनुवादक की हत्या कर दी थी। इसके बाद से ही अमेरिका बदले की फिराक में था। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कर दिया था कि यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि अपने सैनिकों की मौत का बदला (Declaration of Vengeance) है। सेंटकॉम (CENTCOM) के मुताबिक, इस ऑपरेशन में 10 सटीक हमले (Precision Strikes) किए गए, जिनमें ISIS के 30 से ज्यादा ठिकानों को बर्बाद कर दिया गया। इनमें आतंकियों के हथियारों के गोदाम, कम्युनिकेशन सेंटर और लॉजिस्टिक हब शामिल थे। अमेरिका का मकसद सीरिया में ISIS की कमर तोड़ना है ताकि वे दोबारा संगठित न हो सकें।

सेंटकॉक CENTCOM की चेतावनी

इस ऑपरेशन के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा, "हमारा संदेश साफ है- अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाएंगे, तो हम आपको दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालेंगे और मार गिराएंगे। आप न्याय से बच नहीं सकते।"

कैदियों की शिफ्टिंग प्रक्रिया

सीरिया में स्थिति को स्थिर करने और जेल ब्रेक (जेल तोड़ने की घटनाओं) को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। लगभग 5,700 ISIS संदिग्धों को सीरिया की जेलों से निकालकर इराक शिफ्ट किया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि आतंकी दोबारा अपना नेटवर्क खड़ा न कर सकें।

ट्रंप प्रशासन की नीति

यह ऑपरेशन ट्रंप प्रशासन की आक्रामक विदेश नीति का हिस्सा बताया जा रहा है। 2025 के अंत में शुरू हुए इस अभियान का मकसद मध्य पूर्व में अमेरिकी दबदबे को कायम रखना और ईरान या अन्य समूहों को कड़ा संदेश देना है कि अमेरिका अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपना रहा है।

Published on:
15 Feb 2026 12:48 pm
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