पाकिस्तान और बांग्लादेश मिलकर ऐसी 'खिचड़ी' पका रहे हैं जिससे भारत की टेंशन बढ़ सकती है। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।
बांग्लादेश (Bangladesh) में पिछले साल शेख हसीना (Sheikh Hasina) के पीएम पद और देश छोड़कर भागने और उसके बाद मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन के बाद से ही भारत (India) से संबंधों में खटास पड़नी शुरू हो गई थी। बांग्लादेश चाहता है कि भारत शेख हसीना को प्रत्यर्पित कर दे, पर भारत ऐसा नहीं कर रहा है। शेख हसीना को बांग्लादेश में सज़ा-ए-मौत सुनाए जाने के बावजूद भारत ने उनका प्रत्यर्पण नहीं किया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। वहीं भारत और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच कई सालों से चल रहा तनाव जगजाहिर है। इसी बीच अब पाकिस्तान और बांग्लादेश की नज़दीकी बढ़ने लगी है।
हाल ही में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सेना के मुख्यालय में बांग्लादेश के आर्मी चीफ वाकर-उज़-ज़मान से पाकिस्तान की सरकारी डिफेंस प्रोडक्शन टीम के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में डिफेंस प्रोडक्शन टीम के चेयरमैन के साथ पकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल शाकिर उल्लाह खट्टक भी मौजूद रहे।
इस मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच सैन्य और रक्षा सहयोग को गहरा करने पर बातचीत हुई। पाकिस्तानी डिफेंस प्रोडक्शन टीम जो अपनी सेना के लिए हथियार बनाती है, ने बांग्लादेश की सेना के लिए भी डिफेंस पार्टनरशिप को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिससे बांग्लादेश की सैन्य ताकत बढ़ सके। यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच इस तरह की सैन्य मुलाकात हुई है। पिछले करीब एक साल में दोनों देशों के बीच इस तरह की कई मुलाकातें हुई हैं और सैन्य पार्टनरशिप को बढ़ाने पर चर्चा हुई है।
पाकिस्तान और बांग्लादेश की इस पार्टनरशिप से बॉर्डर पर भारत की टेंशन बढ़ सकती है। दोनों ही भारत के पड़ोसी देश हैं और उनका भारत से तनाव चल रहा है। ऐसे में दोनों देशों की बॉर्डर पर भारत को और चौकस रहने की ज़रूरत रहेगी।