
Donald Trump with Xi Jinping (Photo - Washington Post)
एशिया में बढ़ते तनाव के बीच चीन (China) के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को सोमवार को फोन लगाया। इस दौरान दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने व्यापार, ताइवान मुद्दे और यूक्रेन मुद्दे पर चर्चा की। दोनों के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब चीन-जापान के बीच ताइवान को लेकर तनाव बढ़ गया है। चीन ने जापान पर ताइवान के पास मिसाइलें तैनात करने और सैन्य टकराव को उकसाने का आरोप लगाया है, जबकि जापान ने कहा है कि यह कदम देश की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। ताइवान ने भी जापान के इस कदम का समर्थन किया है।
चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। कई अन्य देश भी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानते हैं। वहीं चीन इसका विरोध करता है और ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। दोनों देशों के बीच विवाद की यही वजह है। चीन कई मौकों पर साफ कर चुका है कि ताइवान को साम्यवादी चीन के शासन के अधीन आना ही होगा। अमेरिका लंबे समय से ताइवान का समर्थक रहा है और उसे हथियार भी बेचता है, जो चीन को पसंद नहीं है। फोन कॉल के दौरान जिनपिंग ने ट्रंप से ताइवान मुद्दे पर समर्थन मांगा।
जिनपिंग और ट्रंप के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा हुई और दोनों ने ही इस युद्ध के अंत को ज़रूरी बताया। गौरतलब है कि ट्रंप काफी समय से इस युद्ध को खत्म करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
जिनपिंग से फोन पर बात करने के बाद ट्रंप ने बताया कि वह अगले साल अप्रैल में चीन जाएंगे। उन्होंने जिनपिंग को भी अगले साल अमेरिका आने का आमंत्रण दिया।
Updated on:
25 Nov 2025 09:39 am
Published on:
25 Nov 2025 09:39 am
