
Cross-border terrorism: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र में अपने भाषण से पहले एशियन न्यूज इंटरनेशनल (एएनआई) के एक सवाल का सामना करना पड़ा। न्यूयॉर्क में यूएन मुख्यालय में प्रवेश करते समय एएनआई ने उनसे पूछा, "पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद कब रोकेगा?" (Cross-border terrorism) शरीफ ने तुरंत जवाब दिया, "हम आतंकवाद को खत्म कर रहे हैं, हम उन्हें हरा रहे हैं।" लेकिन एएनआई ने फिर तंज कसते हुए कहा, "पाकिस्तानी पीएम, भारत आपको हरा रहा है।" शरीफ ने इस टिप्पणी का कोई जवाब नहीं दिया और सत्र में शामिल होने चले गए। यह घटना भारत-पाक तनाव को दर्शाती है, जो हाल के वर्षों में और गहराया है।
भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें भारतीय और नेपाली नागरिक शामिल थे। भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई और मिसाइल हमले किए।
भारत ने इस कार्रवाई को संतुलित और आतंकवादी ढांचे पर केंद्रित बताया, जिसमें नागरिक और सैन्य ठिकानों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई को भारत ने नाकाम कर दिया और उसके हवाई ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद पाकिस्तान के सैन्य अभियान निदेशक (डीजीएमओ) ने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर युद्धविराम की पेशकश की, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया।
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ओवल ऑफिस में एक निजी मुलाकात तय थी। ट्रंप ने पत्रकारों से मजाकिया अंदाज में कहा, "पाकिस्तान के पीएम और फील्ड मार्शल आ रहे हैं, शायद वे अभी इस कमरे में ही हों।" इससे पहले 23 सितंबर को शरीफ ने ट्रंप और आठ इस्लामी-अरब देशों के नेताओं के साथ एक अनौपचारिक बैठक में हिस्सा लिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मुलाकात को एक्स पर साझा करते हुए इसे दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्तों का संकेत बताया।
पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंध हाल के वर्षों में तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन मई 2025 में भारत-पाक सैन्य तनाव के दौरान इस्लामाबाद ने ट्रंप को शांति स्थापना का श्रेय दिया। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने व्यापार और टैरिफ की धमकियों के जरिये दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराया। हालांकि, भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने पहले अपने डीजीएमओ की पहल को युद्धविराम का कारण बताया था, लेकिन बाद में उसने ट्रंप के प्रयासों को श्रेय दिया और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित भी किया।
सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद का कारण रहा है। संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर इस तरह की नोकझोंक दोनों देशों के तनावपूर्ण रिश्तों को उजागर करती है। भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है। इस घटना ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेदों को सामने ला दिया। ( एएनआई)