पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता अपने चरम पर है। अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने और नेशनल असेंबली भंग करने के मुद्दे पर इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट ने करारा झटका दिया है। इसके बाद से ये खबरें आ रही हैं कि इमरान खान समेत पूरी कैबिनेट शाम तक इस्तीफा दे सकती है। हालांकि इन खबरों के बीच सामूहिक इस्तीफे से पहले इमरान खान की पार्टी में फूट का मामला भी सामने आया है।
पाकिस्तान में चल रहे सियासी संकट के बीच एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बाद इमरान खान को पार्टी में भी अंदरुनी कलह का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट की ओर से अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने और नेशनल असेंबली भंग करने के बाद ये खबरें आ रही थीं कि, इमरान खान समेत पूरी कैबिनेट इस्तीफा दे देगी। लेकिन इस सामूहिक इस्तीफे के फैसले को लेकर इमरान खान की पार्टी में ही घमासान मच गया है। ऐसी खबरें आने लगी है कि, पाकिस्तान में चल रहे राजनीतिक उठापटक के बीच इमरान खान की पार्टी में फूट 70 सांसद अपना इस्तीफा नहीं देना चाहते हैं।
क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट में सियासी ड्रामे को लेकर 4 दिन चली सुनवाई के बाद गुरुवार को कोर्ट ने कहा कि, अविश्वास प्रस्ताव खारिज करना और नेशनल असेंबली भंग करना दोनों ही काम गैर कानूनी थे। पीएम इमरान खान को ये अधिकार नहीं कि वो राष्ट्रपति से संसद भंग करने को कहें।
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शीर्ष अदालत के फैसले के बाद इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेताओं ने इमरान के घर मीटिंग की। इसके बाद से ही कहा जा रहा है कि इमरान खान शुक्रवार शाम तक इस्तीफा दे देंगे। यही नहीं उनके साथ पूरी कैबिनेट के इस्तीफे की भी सियासी गलियारों में चर्चा होने लगी थी, लेकन अब खबरें आ रही है कि पीटीआई में कई सांसद इस्तीफा नहीं देना चाहते हैं। ऐसे सांसदों की संख्या 70 बताई जा रही है।
आवाम को संबोधित कर सकते हैं इमरान खान
पाकिस्तान में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को इमरान खान पाकिस्तान की जनता को संबोधित करेंगे।
पाकिस्तान संसद पर एक नजर
पाकिस्तान में चल रहे सियासी संकट के बीच संसद के आंकड़ों पर एक नजर डालें तो इस पाकिस्तान की संसद में कुल 342 सीटें हैं। इनमें से इमरान खान को 142 सांसदों का साथ है। जबकि बहुमत का जादुई आंकड़ा 172 है। वहीं विपक्ष के पास 199 सांसदों का साथ है। इस लिहाज से इमरान खान का अविश्वास प्रस्ताव में हारना तय है।
इमरान नहीं चाहते अविश्वास प्रस्ताव का सामना
प्रधानमंत्री इमरान इस स्थिति का सामना कभी नहीं करना चाहते थे। दरअसल इमरान जातने थे उनके पास बहुमत नहीं है। इमरान खान ने सत्तारूढ़ गठबंधन के एक मुख्य सहयोगी दल एमक्यूएम-पी के विपक्षी खेमे में जाने की घोषणा के साथ ही बहुमत खो दिया था।
फौज भी सुप्रीम फैसले से खुश
पाकिस्तान की फौज भले ही अब तक इमरान खान का सपोर्ट कर रही थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने फौज का हौसला भी बढ़ा दिया है। दरअसल जब से इमरान खान अपनी सत्ता बचाने के लिए अमरीकी साजिश का राग अलाप लगे थे, तब से पाकिस्तान की फौज के सामने भी धर्म संकट खड़ा हो गया था।
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