Middle East Conflict: पेरिस में ईरान के समर्थन में हुई विशाल रैली ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
Paris Protests : फ्रांस की राजधानी पेरिस में आज माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है (Paris Unrest)। ईरान पर हुए हालिया हमलों के विरोध में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं (Pro-Iran Rally)। इस रैली का मुख्य उद्देश्य अमेरिका की विदेश नीतियों और इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों को चुनौती देना है (Anti-War Protest)। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और पोस्टर हैं, जिन पर शांति की अपील और युद्ध रोकने की मांग की गई है (Ceasefire Demand)। फ्रांस की पुलिस इस भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हाई अलर्ट पर तैनात है (High Security Alert)।
प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर अमेरिकी प्रशासन और इजराइली सरकार की आलोचना की है। लोगों का मानना है कि मध्य पूर्व में शांति के बजाय सैन्य बल का प्रयोग पूरी दुनिया को खतरे में डाल रहा है। रैली में शामिल वक्ताओं ने कहा कि ईरान की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए और पश्चिमी देशों को दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करना चाहिए। यह गुस्सा सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है।
पेरिस के प्रमुख चौक, जैसे प्लेस डी ला बैस्टिल और रिपब्लिक स्क्वायर, पूरी तरह से प्रदर्शनकारियों से भरे हुए हैं। इसके कारण शहर के यातायात पर बुरा असर पड़ा है। मेट्रो सेवाएं और बस मार्ग डाइवर्ट कर दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को इन इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। रैली में केवल ईरान समर्थक ही नहीं, बल्कि मानवाधिकार संगठन और छात्र गुट भी शामिल हैं, जो वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध के खतरों से डरे हुए हैं।
इतने बड़े प्रदर्शन के बीच फ्रांसीसी सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शांति और बातचीत की अपील की है, लेकिन प्रदर्शनकारी फ्रांस की तटस्थता पर सवाल उठा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रदर्शन और उग्र होता है, तो इसका असर फ्रांस के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी पड़ सकता है। यूरोपीय संघ के अन्य देशों की नजरें भी अब पेरिस की स्थिति पर टिकी हुई हैं।
वैश्विक राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि पेरिस के ये प्रदर्शन यूरोप में बढ़ रहे युद्ध विरोधी जनमत का संकेत हैं। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। इस रैली के दौरान पेरिस के कुछ हिस्सों में इजराइल समर्थक और ईरान समर्थक गुटों के बीच मामूली झड़प की भी खबरें आई हैं।