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Patrika Explainer: एच-1बी वीजा फीस पर डोनाल्ड ट्रंप को झटका, भारत के लिए कैसे फायदेमंद?

H-1B visa fee: अमेरिकी अदालत ने एच-1बी वीजा फीस बढ़ाने के आदेश को रद्द किया, भारतीय प्रोफेशनल्स को राहत, ट्रंप प्रशासन को झटका, आईटी कंपनियों को फायदा, कुशल कामगारों के लिए बड़ा फैसला

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Jun 11, 2026
US court strikes down H-1B visa fee rule.
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- Patrika)

H-1B visa: अमेरिकी संघीय अदालत ने विदेशी कामगारों के लिए जारी होने वाले एच-1बी वीजा पर एक लाख डॉलर तक की फीस वसूलने के आदेश को रद्द कर दिया है। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाराजगी जताई ,लेकिन भारत के संदर्भ में देखें तो भारतीय प्रोफेशल्स के लिए यह निर्णय राहत भरा है। कोर्ट के जज लियो टी. सोरोकिन ने अपने आदेश में इसे एक अनधिकृत टैक्स बताया है। इस निर्णय से भारतीय प्रोफेशनल्स पर एक बड़ा वित्तीय बोझ कम होगा। साथ ही अमेरिकी कंपनियां भी उन्हें पहले की तरह की नौकरियां देंगी।

सबसे ज्यादा भारतीयों को वीजा..

फेडरल कोर्ट का यह निर्णय भारतीय इंजीनियर, रिसर्चर, डॉक्टर और सॉफ्टवेयर डेवलपर को राहत देगा। अमेरिकी सरकार प्रतिवर्ष करीब 65 हजार एच-1बी वीजा जारी करती है। इसमें 70 से 72 फीसदी तक वीजा भारतीय नागरिकों को मिलते हैं। टेक कंपनियां प्रति वर्ष भारत और चीन जैसे देशों से हजारों कर्मियों को काम पर रखने के लिए इस पर निर्भर हैं। बढ़ी फीस के कारण एच-1बी वीजा के जरिए लोगों को नौकरियों पर रखना कंपनियों के लिए काफी महंगा पड़ रहा था।

फिर दो से पांच हजार डॉलर हो जाएगी फीस

पहले अमरीकी कंपनियों के लिए एच-1बी वीजा के लिए हर पेशेवर को दो से पांच हजार डॉलर का शुल्क देना होता था। इसी को बढ़ा कर ट्रंप सरकार ने एक लाख किया था। कोर्ट के निर्णय के बाद रुपए के हिसाब से 95 लाख रुपए शुल्क नहीं भरना पड़ेगा। शुल्क की दर फिर से दो से पांच हजार डॉलर ही हो जाएगी। इस वीजा के लिए अमरीकी नियोक्ता का स्पॉन्सर होना जरूरी होता है। इसकी अवधि तीन वर्ष और अधिकतम बढ़ाकर छह वर्ष तक की होती है।

भारतीय टेक कंपनियों को भी लाभ

अमेरिकी कोर्ट के इस निर्णय से टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस, एचसीएल जैसी टेक कंपनियों का लाखों डॉलर का ऑपरेशन खर्च भी बचेगा। यह कंपनियां अमेरिकी दिग्गज टेक कंपनियों के साथ एच-1बी कोटा हासिल करने की प्रक्रिया से गुजरती हैं। क्योंकि उन्हें अपने कुशल इंजीनियर्स और डेवलपर्स को अमरीकी कंपनियों के साथ काम करने के लिए भेजना होता है। एक लाख डॉलर फीस के कारण शुरुआती एच-1बी वीजा आवेदनों में 38 फीसदी की गिरावट आई जो अब रुकेगी।

Published on:
11 Jun 2026 05:14 am