
पोलैंड में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े खतरे को समय रहते रोक लिया है। एक युवक और दो नाबालिग लड़के स्कूल और मस्जिद पर हमला करने की योजना बना रहे थे। यह खबर सुनकर देशभर में चर्चा छिड़ गई है क्योंकि आरोपी अभी बहुत छोटे उम्र के हैं।
पोलैंड की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी एबीडब्ल्यू ने शुक्रवार को पावेल जी नाम के एक लड़के को गिरफ्तार किया। पावेल जी का जन्म 2009 में हुआ है। उसकी उम्र अभी महज 17 साल के आसपास है। पोलिश कानून के मुताबिक उसका पूरा नाम नहीं बताया जा सकता।
एजेंसी के अनुसार, यह गिरफ्तारी उन दो 16 साल के लड़कों की हिरासत के बाद हुई जिन्हें पहले ही पकड़ा जा चुका था। कास्पर के और विक्टर एस नाम के ये दोनों लड़के अब किशोर सुधार गृह में हैं। तीनों टेलीग्राम और डिस्कॉर्ड जैसे ऐप्स पर चरमपंथी और नव-नाजी समूहों से जुड़े थे।
एबीडब्ल्यू ने बताया कि पावेल जी और ये दो किशोर पिछले कई हमलों और उनके दोषियों के बारे में बात करते थे। वे उन तरीकों का अध्ययन करते थे जिन्हें आतंकवादियों ने अपनाया था। कुछ बातचीत में वे खुद भी हमला करने के बारे में सोच रहे थे।
इस मामले में मंत्री वल्डेमार जुरेक ने साफ कहा कि निशाने पर एक मस्जिद और एक स्कूल था। वहीं, जस्टिस मिनिस्टर वल्डेमार जुरेक ने एक्स पर लिखा- पोलैंड में फासीवाद, नफरत या खूनी हमलों की योजना के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे किसी भी प्रयास को सख्ती से रोका जाएगा।
पावेल जी पर कई आरोप लगाए गए हैं। इनमें स्कूल और मस्जिद पर हमले की तैयारी भी शामिल है। दोषी पाए जाने पर उसे 15 साल तक की जेल हो सकती है। पोलैंड की सरकार ने साफ संकेत दिया है कि नव-नाजी गतिविधियों और नफरत फैलाने वाले समूहों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरोपी बहुत कम उम्र के हैं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए चरमपंथी विचारों से प्रभावित हुए। सुरक्षा एजेंसियां अब इन नेटवर्क्स पर नजर रखे हुए हैं ताकि कोई और घटना न घटे।
पोलिश अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है। उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को दें। देश में स्कूलों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है।