
China Wuhan Lab COVID-19 and Anthony Fauci : पूरी दुनिया में जिस कोविड फैलने के लिए चीन के वुहान की जिस लैब को जिम्मेदार ठहराया गया है, उस लैब को अमेरिका के 7 राष्ट्रपतियों के प्रमुख चिकित्सा सलाहकार रहे प्रख्यात वैज्ञानिक टॉप वैज्ञानिक एंथनी फाउसी अपनी ही सरकार से छुप कर या यूं कहें कि अपनी ही सरकार के नीचे रहते हुए उसे फंडिंग कर रहे थे। इससे अमेरिकी सरकार भी हैरत में है। अब इस सिलसिले में प्रमुख सामरिक विशेषज्ञ ब्रह्म चेलानी ने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा है कि वुहान लैब से फैले कोविड के लिए अकेले फाउसी जिम्मेदार नहीं हैं, यह महामारी फैलने की जांच से चीन भी तो साफ तौर पर बचा रहा है। सवाल यह है कि आखिर लाखों लोगों की जान जाने के लिए जिम्मेदार होने के बाद भी वह इस जांच से कैसे बचा रहा।
दरअसल अमेरिका कोविड महामारी से सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों में से एक था। फिर भी, वाशिंगटन ने वायरस की उत्पत्ति की जांच में बाधा डालने के लिए चीन को जवाबदेह ठहराने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया। वैज्ञानिक एंथनी फाउसी का इसमें कुछ हाथ हो सकता है, क्योंकि उन्होंने पीएलए से जुड़े वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में अमेरिकी वित्त पोषित कोरोना वायरस अनुसंधान में भाग लिया था, जहां से संभवतः वायरस लीक हुआ था, लेकिन यह विफलता किसी एक व्यक्ति से कहीं अधिक गहरी थी। संस्थागत, नौकरशाही और राजनीतिक कारणों के चलते चीन अपने कोविड मामलों को छिपाने और पारदर्शिता की कमी के लिए जांच से काफी हद तक बच निकला।
अमेरिका के रिपब्लिकन कोविड की उत्पत्ति को लेकर प्रयोगशाला रिसाव के सिद्धांत को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन उनके पास कोई निर्णायक सुबूत नहीं है। महामारी की उत्पत्ति की जांच करने के लिए गठित सदन की समिति की पहली सुनवाई ने इस बात पर जोर दिया कि निर्णायक सुबूत जुटाना कितना मुश्किल हो सकता है।
इस वैज्ञानिक ने वायरस की उत्पत्ति के बारे में फाउसी को भेजे गए अपने शुरुआती ईमेल के बारे में खुलासा किया था। वैज्ञानिक क्रिस्टियन एंडरसन ने 2020 की शुरुआत में एंथनी फाउसी को कृत्रिम रूप से निर्मित कोरोनावायरस की संभावना के बारे में लिखा था। उनके शोध ने तब से उन संदेहों को दूर कर दिया है।
कोविड की उत्पत्ति को लेकर चल रही बहस में राजनीति ने किस प्रकार भूमिका निभाई? दरअसल प्रयोगशाला से वायरस के रिसाव की बात को पहले कई लोग षड्यंत्र सिद्धांत कहकर खारिज कर देते थे। लेकिन अब यह धारणा जोर पकड़ रही है, क्योंकि इस बात के सबूत बढ़ते जा रहे हैं कि वायरस किसी बाजार से निकला था।
हाल के अध्ययनों की समीक्षा और अन्य प्रकोपों से तुलना करते हुए, वायरोलॉजिस्टों के एक समूह का तर्क है कि जानवरों से मनुष्यों में प्राकृतिक रूप से संक्रमण फैलने के समर्थन में अधिक सुबूत मौजूद हैं। असल में फाउसी ने 2020 में चेतावनी दी थी कि कोरोनावायरस महामारी अभी खत्म होने से बहुत दूर है। अमेरिकी ग्रणी संक्रामक रोग विशेषज्ञ ने बायोटेक अधिकारियों को बताया कि कोविड-19 ने वैश्विक स्तर पर नुकसान पहुंचाया है, जिससे चिंताजनक नस्लीय असमानताएं उजागर हुई हैं।