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ईरान समझौते की आलोचना पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कहा- विरोध करने वाले या तो बुरे हैं या फिर बेवकूफ

Iran समझौते की आलोचना पर Donald Trump भड़क गए। उन्होंने विरोधियों को 'मूर्ख' बताया। वहीं रिपब्लिकन नेताओं बिल कैसिडी और टेड क्रूज ने समझौते को अमेरिका के लिए नुकसानदायक बताया।
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Jun 18, 2026
US Iran Deal New twist News
अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप । (फोटो- ANI)

Donald Trump Iran Deal Controversy: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए नए समझौते को लेकर हो रही आलोचनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने सुबह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर अपने विरोधियों को निशाने पर लिया और कहा कि जो लोग इस समझौते की आलोचना कर रहे हैं, वे या तो ईर्ष्यालु हैं, बुरे लोग हैं या फिर मूर्ख हैं।

आलोचकों पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट करते हुए लिखा, ये बेवकूफ लोग जो सोचते हैं कि मैंने ईरान के साथ सख्ती नहीं बरती, जबकि स्टॉक मार्केट ने अभी-अभी रिकॉर्ड ऊंचाई छुई है और तेल की कीमतें तेजी से गिर रही हैं, उन्होंने कहा कि वे या तो जलनखोर हैं, बुरे लोग हैं या फिर बेवकूफ हैं। अमेरिका को फिर से महान बनाएं। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब ईरान के साथ हुए समझौते को लेकर अमेरिका में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। खास बात यह है कि ट्रंप की अपनी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेता भी इस समझौते पर सवाल उठा रहे हैं।

परमाणु कार्यक्रम पर उठे सवाल

ट्रंप ने पहले कहा था कि युद्ध का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था। हालांकि जारी किए गए समझौते में इस लक्ष्य को सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था शामिल नहीं है। दस्तावेज में केवल इतना कहा गया है कि दोनों पक्ष कम से कम अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रखेंगे। यही वजह है कि कई अमेरिकी नेताओं ने इस समझौते की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं।

रिपब्लिकन नेताओं की कड़ी आलोचना

लुइसियाना से रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी ने समझौते पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए X पर लिखा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर रोक नहीं लगी और उन्हें यह समझ आ गया है कि होर्मुज को धमकाने से काम बनता है। वे भविष्य में निश्चित रूप से इसका फायदा उठाएंगे। अब, इस समझौते के तहत ईरान को बिल्कुल नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का मौका मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि युद्ध से पहले, होर्मुज खुला था, ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगे हुए थे और 13 सैनिक जीवित थे। अब, 13 अमेरिकी मारे जा चुके हैं, परिवारों को पेट्रोल-डीजल के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ी है, प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे और बमबारी रुक गई है। यह दशकों में विदेश नीति की सबसे बड़ी गलती है।

टेड क्रूज ने भी जताई नाराजगी

ट्रंप के करीबी माने जाने वाले रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने भी समझौते पर चिंता जताई। डेली वायर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, इतिहास सिखाता है कि हमें मारने की चाहत रखने वाले धार्मिक उन्मादियों को अरबों डॉलर देना एक बुरा विचार है। जारी की गई शर्तों के मुताबिक, अयातुल्ला को तुरंत 10 अरब डॉलर से 30 अरब डॉलर के बीच की रकम मिलेगी, इससे पहले कि वे परमाणु मामले में कोई भी रियायत दें।

आखिर क्या है नया समझौता?

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में उस 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MOU) को सार्वजनिक किया है, जिस पर फ्रांस के वर्साय पैलेस में हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते का उद्देश्य ईरान के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करना बताया गया है। समझौते के तहत ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पहले की तरह फिर से खोलने का वादा किया है। इसके बदले अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करेगा।

Updated on:
18 Jun 2026 03:52 pm
Published on:
18 Jun 2026 03:24 pm