कीव ने दावा किया है कि रूस ने रात भर में यूक्रेन पर 370 से अधिक ड्रोन और 21 मिसाइलें दागीं। मॉस्को पर जानबूझकर शांति वार्ता को कमजोर करने का आरोप लगाया, क्योंकि रूस, यूक्रेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के वार्ताकार लगभग चार साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए दूसरे दिन […]
कीव ने दावा किया है कि रूस ने रात भर में यूक्रेन पर 370 से अधिक ड्रोन और 21 मिसाइलें दागीं। मॉस्को पर जानबूझकर शांति वार्ता को कमजोर करने का आरोप लगाया, क्योंकि रूस, यूक्रेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के वार्ताकार लगभग चार साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए दूसरे दिन की चर्चा के लिए अबू धाबी में मिले थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे हाल के हफ्तों में सबसे भारी हवाई हमलों में से एक बताया।
हमले में यूक्रेन की राजधानी कीव और दूसरे बड़े शहर खारकीव को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया। कीव में कई जिलों में ड्रोन हमले दर्ज हुए, जहां आग लगने की घटनाएं हुईं। खारकीव में भी कई इलाकों पर हमले हुए। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमलों से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और हजारों परिवार अंधेरे में रहे। कुल मिलाकर 88,000 परिवारों को अस्थायी बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्रिय सिबिगा ने कहा, सिनिकल तरीके से पुतिन ने अबू धाबी में अमेरिका समर्थित शांति प्रक्रिया के दौरान यूक्रेन पर क्रूर बड़े पैमाने का मिसाइल हमला करवाया। उनकी मिसाइलें न सिर्फ हमारे लोगों पर, बल्कि नेगोशिएशन टेबल पर भी गिरीं। उन्होंने आगे कहा, शांति प्रयास? यूएई में त्रिपक्षीय बैठक? कूटनीति? यूक्रेनियंस के लिए यह रूसी आतंक की एक और रात थी। जेलेंस्की ने भी इसे युद्ध जारी रखने की मंशा बताया।
हमलों में कम से कम 13 लोग घायल हुए कीव में 2 गंभीर रूप से, जबकि खारकीव में 11। कोई बड़ी मौत की खबर नहीं आई, लेकिन हमले ने ऊर्जा ढांचे और नागरिक इलाकों को नुकसान पहुंचाया। यूक्रेन ने इसे रूस की ओर से शांति वार्ता को कमजोर करने की कोशिश करार दिया।
अबू धाबी में चल रही बातचीत में यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव ने कहा कि चर्चा युद्ध समाप्त करने के पैरामीटर्स और आगे की नेगोशिएशन प्रक्रिया पर केंद्रित थी। हालांकि, पूर्वी डोनबास क्षेत्र में क्षेत्रीय मुद्दे अनसुलझे हैं। यूक्रेन का कहना है कि रूस की यह कार्रवाई वार्ता की गंभीरता पर सवाल उठाती है। युद्ध शुरू होने के लगभग चार साल बाद यह हमला शांति की उम्मीदों को झटका देता है, जहां लाखों लोग विस्थापित और हजारों मौतें हो चुकी हैं।